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सूचना और प्रसारण मंत्रालय

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टेलीविज़न और रेडियो सेवाओं के लिए नियामकीय संरचना को सरल बनाने के लिए दूरसंचार (टेलीविज़न, रेडियो और संबंधित सेवाएं) नियमावली, 2026 का प्रारूप

ब्रॉडकास्टर्स के लिए नियमों का पालन सरल बनाने और ‘ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस’ (व्यवसाय करने की सुगमता) को बढ़ावा देने के लिए एक ही नियम पुस्तिका का प्रस्ताव

प्रारूप नियमों में विद्यमान लाइसेंसधारकों को स्वेच्छा से नए सिस्टम में जाने (माइग्रेशन) या माइग्रेशन तक विद्यमान  लाइसेंस/अनुमति के तहत काम जारी रखने का विकल्प दिया गया है

प्रविष्टि तिथि: 22 JUL 2026 3:53PM by PIB Delhi

सरकार ने नए दूरसंचार अधिनियम, 2023 के तहत टेलीविज़न और रेडियो सेवाओं के लिए जारी विभिन्न गाइडलाइंस को एक साथ लाने के लिए दूरसंचार (टेलीविज़न, रेडियो और संबंधित सेवाएं) नियमावली, 2026 का प्रारूप जारी किया है। इन नियमों में निम्नलिखित दिशानिर्देश को शामिल किया गया है :

ए – भारत में सैटेलाइट टेलीविज़न चैनलों की अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग के लिए नीतिगत दिशानिर्देश;

बीभारत में डायरेक्टटूहोम ( डीटीएच ) ब्रॉडकास्टिंग सेवाएं देने के लिए लाइसेंस प्राप्त करने की दिशानिर्देश;

सी – भारत में हेडएंडइनस्काई ( एचआईटीएस ) ब्रॉडकास्टिंग सेवाएं देने की दिशानिर्देश;

डीनिजी एजेंसियों के माध्यम से एफएम  रेडियो ब्रॉडकास्टिंग सेवाओं के विस्तार पर नीतिगत दिशानिर्देश (फेज़ III) ;

ई – भारत में कम्युनिटी रेडियो स्टेशन स्थापित करने के लिए संशोधित नीतिगत दिशानिर्देश; और

एफ – इंटरनेट प्रोटोकॉल टेलीविज़न (आईपीटीवी ) सेवाएं देने की दिशानिर्देश ।

इन नियमों के साथ, उद्योग के पास अब एक ही और काफी सरल नियम पुस्तिका होगी। ये नियम विद्यमान व्यवस्था में तालमेल बिठाने और टेलीविज़न रेडियो ब्रॉडकास्टिंग सेक्टर मेंव्यवसाय करने की सुगमताको बढ़ावा देने के लिए बनाए गए हैं। प्रारूप नियमों को सूचना और प्रसारण मंत्रालय की वेबसाइट (https://www.mib.gov.in/) पर प्रकाशित किया गया है और 27 जुलाई 2026 तक इन पर इनपुट, टिप्पणियां या सुझाव मांगे गए हैं।

उद्योग को नए नियामकीय संरचना में बदलने में मदद करने के लिए, प्रारूप नियमों में विद्यमान लाइसेंस/अनुमति को नए ऑथराइज़ेशन फ्रेमवर्क में स्वेच्छा से बदलने या माइग्रेशन तक विद्यमान लाइसेंस/अनुमति के तहत काम जारी रखने का प्रावधान है।

प्रारूप नियमों में देश भर में, जिसमें मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्र भी शामिल हैं, टेलीविज़न और रेडियो सेवाओं (कम्युनिटी रेडियो सेवाओं सहित) की उपलब्धता को बेहतर बनाने के प्रावधान शामिल हैं।

केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में श्री मुकेशकुमार चंद्रकांत दलाल और श्री दिनेशभाई मकवाना द्वारा पूछे गए एक तारांकित प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।

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पीके/केसी/एसकेजे

(रिलीज़ आईडी: 2287762) आगंतुक पटल : 16

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