
Hazaribagh: झारखंड के हजारीबाग से एक भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है. यहां हजारीबाग जिला अंतर्गत इचाक थाना क्षेत्र के जलौंध गांव निवासी मोहन भुइयां पिता कैला भुइयां पिछले 7 महीनों से लापता था. जिसके बाद दिल्ली के किसी सज्जन के द्वारा मोहन भुइयां का एक वीडियो वायरल कर झारखंड के हजारीबाग जिले में भेजा गया और इचाक थाना प्रभारी की मदद से मोहन को घर वापस लाया गया.
दरअसल, मोहन भुइयां को एक व्यक्ति कमाने के लालच में झारखंड से दिल्ली ले गया था. इस दौरान जब पहली बार लॉकडाउन लगा तो वह आदमी तो अपने घर आ गया लेकिन मोहन की दिमागी हालत ठीक नहीं होने की वजह से वह अपने घर वापस नहीं आ सका.
मोहन के लगातार कई महीनों तक घर वापस ना आने के कारण घरवाले परेशान होकर रोते-बिलखते रहे. वहीं, लॉकडाउन के चलते कमाने का कोई सूत्र नहीं था तो भूख के कारण मोहन की पत्नी अपने दो बच्चों के साथ मायके चली गई. परिवार कब से आस लगाए बैठा था कि कब मोहन वापस आएगा.
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इसी दौरान दिल्ली के एक सज्जन ने मोहन का एक वीडियो बनाकर झारखंड के हजारीबाग जिले में भेज दिया. प्रखंड में यह वीडियो सप्ताह भर चर्चा का विषय बना रहा. अंत में यह मामला इचाक थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह के पास पहुंचा. देवेंद्र सिंह से लिखित आवेदन के जरिए मोहन को खोजने की मदद मांगी गई. जिसके बाद थाना प्रभारी बीते 2 दिन के अंतर्गत ही मोहन को खोजने में सफल रहे.
थाना प्रभारी ने मैसेज के जरिए सूचना दि कि ‘मोहन मिल चुका है. अगले दिन उसे ट्रेन में बैठा दिया जाएगा. उसे लाने के लिए किसी परिजन को कोडरमा स्टेशन भेज देने की कृपा करें.’ इस तरह से थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह ने एक गरीब परिवार के सदस्य मोहन को घर वापस लाने में अपना पूरा सहयोग दिया.
घर वाले भी मोहन को देखकर बहुत खुश हैं. उनका कहना है कि वे दोबारा मोहन को कभी शहर नहीं भेजेंगे. गांव घर में कमाएंगे और खाएंगे. परिवार वालों ने थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह को मोहन भुइयां को घर वापस लाने के लिए तहे दिल से शुक्रिया अदा किया है.
(इनपुट- यादवेंद्र सिंह मुन्नू)
