दुनिया में अपनी सैन्य पकड़ और रणनीतिक दबदबा बढ़ाने के लिए ट्रंप सरकार ने ‘Arsenal of Freedom’ नाम से बड़ा प्लान लॉन्च किया है. युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने इस पहल की शुरुआत करते हुए साफ कर दिया है कि अमेरिका अब किसी भी हाल में कमजोर दिखने को तैयार नहीं है.

मरीन ताकत पर क्यों है फोकस?
इस प्लान का सबसे बड़ा जोर अमेरिका की नौसेना और मरीन फोर्स पर है. ट्रंप सरकार मानती है कि समुद्रों पर नियंत्रण ही असली वैश्विक ताकत की पहचान है. इसी वजह से जहाज निर्माण, न्यूक्लियर-पावर्ड सबमरीन और एयरक्राफ्ट कैरियर के उत्पादन को तेजी से बढ़ाया जा रहा है.

अमेरिकी इंडस्ट्री को मिलेगा बड़ा फायदा
‘Arsenal of Freedom’ के तहत अमेरिका अपने देश में ही हथियार और सैन्य उपकरण बनाने पर जोर देगा.
इससे अमेरिकी डिफेंस कंपनियों को जबरदस्त फायदा होगा. मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बूस्ट मिलेगा. हजारों नई नौकरियों के अवसर आएंगे. हेगसेथ ने कहा कि जो देश खुद चीजें बनाना छोड़ देता है, वह धीरे-धीरे कमजोर हो जाता है.

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अब तक का सबसे बड़ा डिफेंस बजट
अमेरिका ने हालिया रक्षा बजट में 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा के निवेश का ऐलान किया है. यह अब तक का सबसे बड़ा डिफेंस बजट माना जा रहा है. इसका मकसद नई तकनीक, एडवांस हथियार और ज्यादा घातक सैन्य क्षमता तैयार करना है.

‘गोल्डन फ्लीट’ से दुनिया को संदेश
ट्रंप सरकार की ‘गोल्डन फ्लीट’ योजना के तहत नई पीढ़ी के ट्रंप-क्लास बैटलशिप और ज्यादा सबमरीन तैयार की जाएंगी. हेगसेथ के मुताबिक यह दुनिया के लिए साफ संदेश है कि समुद्रों पर अमेरिका की कमान से कोई समझौता नहीं होगा.

किसे होगा सबसे ज्यादा नुकसान?
इस प्लान से कुछ देशों की चिंता बढ़ना तय है. 

चीन: साउथ चाइना सी में अमेरिकी दबदबा बढ़ेगा

ईरान: मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य दबाव

रूस: वैश्विक सैन्य संतुलन को चुनौती

अमेरिकी हथियारों पर निर्भर देश: नई शर्तें और दबाव बढ़ सकते हैं

‘ताकत के जरिए शांति’ का दावा
हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका Peace Through Strength की नीति पर चल रहा है. यानी इतनी मजबूत सैन्य ताकत कि दुश्मन हमला करने की हिम्मत ही न कर सके.

न्यूक्लियर ताकत का केंद्र
न्यूपोर्ट न्यूज शिपयार्ड, जिसे हंटिंगटन इंगल्स इंडस्ट्रीज संचालित करती है, अमेरिका की एकमात्र फैक्ट्री है जहां न्यूक्लियर-पावर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर बनते हैं और नेवी के लिए न्यूक्लियर सबमरीन भी यहीं तैयार होती हैं. (इनपुट आईएएनएस से)