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नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त और कॉरपोरेट कार्य मंत्री ने पीएम इंटर्नशिप योजना के प्रशिक्षुओं के साथ बातचीत की


श्रीमती निर्मला सीतारमण ने क्लासरूम की पढ़ाई और उद्योग जगत की अपेक्षाओं के बीच की खाई को पाटने में योजना की भूमिका पर प्रकाश डाला

इस आयोजन में 24 प्रमुख भागीदार कंपनियों के 86 प्रशिक्षुओं ने भाग लिया

प्रविष्टि तिथि: 14 AUG 2026 10:23PM by PIB Delhi

नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त और कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (पीएमआईएस) के प्रशिक्षुओं के साथ बातचीत की। इस बातचीत में पीएमआईएस के तहत 24 से अधिक प्रमुख भागीदार कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाले 86 प्रशिक्षुओं ने भाग लिया।

मंत्री ने प्रशिक्षुओं के साथ पीएमआईएस के तहत उनके अनुभवों, आकांक्षाओं और यात्राओं  के बारे में बातचीत की। उन्होंने उनसे इस बारे में भी बात की कि उन्हें इस स्कीम में हिस्सा लेने के लिए किस चीज ने प्रेरित किया, इंटर्नशिप के दौरान उन्होंने क्या सीखा और कौन से कौशल हासिल किए और उनके भविष्य के लक्ष्य क्या हैं।

इंटर्नशिप के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कई प्रशिक्षुओं को उनकी संबंधित कंपनियों की ओर से पूर्णकालिक सेवा देने की पेशकश की गई। मंत्री ने कहा कि पीएमआईएस को उद्योग जगत के साथ व्यापक परामर्श के बाद तैयार किया गया था, क्योंकि नियोक्ता चाहते हैं कि नए स्नातक काम के लिए तैयार हों, जबकि कई युवा स्नातकों को उन अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए व्यावहारिक अनुभव की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि यह योजना युवाओं को व्यावहारिक रूप से उद्योग में काम करने का अनुभव प्रदान करके इस अंतर को पाटने में मदद कर रही है।

प्रशिक्षुओं से बात करते हुए मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पीएमआईएस केवल उम्मीदवार की शैक्षणिक योग्यता तक ही सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि यह योजना युवाओं को रुचि के क्षेत्रों में इंटर्नशिप के अवसरों को प्राप्त करने में सक्षम बनाती है, जिससे उन्हें उन क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण और व्यावसायिक ज्ञान प्राप्त करने में मदद मिलती है। उन्होंने प्रशिक्षुओं को अपना काम ध्यान और जिम्मेदारी से करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि छोटी-छोटी गलतियों का भी दूसरों पर असर पड़ सकता है, जिनमें ग्राहक भी शामिल हैं।  इससे कंपनी की क्वॉलिटी और प्रतिष्ठा पर भी बुरा असर पड़ सकता है।

इस कार्यक्रम में पीएमआईएस के माध्यम से युवाओं में आए बदलाव की उल्लेखनीय कहानियों को प्रदर्शित किया गया।

ऐसी ही एक कहानी दिल्ली के ध्रुव गुप्ता की है, जो एनएसई में इंटर्नशिप कर रहे हैं। आईटी पृष्ठभूमि से आने वाले ध्रुव हमेशा वित्त क्षेत्र में अनुभव हासिल करने के इच्छुक थे। इस योजना के माध्यम से उन्हें वित्त में काम करने का अवसर मिला और उन्हें उम्मीद है कि इंटर्नशिप के दौरान मिली वित्तीय कौशल और अपनी तकनीकी ज्ञान को मिलाकर वे फिनटेक क्षेत्र सेक्टर में अपना करियर बना सकेंगे।

गुप्ता ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि पीएमआईएस ने मुझे अपनी आईटी पृष्ठभूमि के बावजूद वित्त क्षेत्र में कदम रखने का अवसर दिया। इस अनुभव ने मुझे यह समझने में मदद की है कि प्रौद्योगिकी और वित्त कैसे एक साथ आ सकते हैं। अब मैं फिनटेक में अपना करियर बनाना चाहता हूं।

एक और प्रेरक कहानी उत्तर प्रदेश की नैना की है। उन्हें दमन में अल्केम के साथ इंटर्नशिप करने का अवसर मिला। हालांकि, इस अवसर के लिए उन्हें घर से दूर एक नए शहर में जाना पड़ा। नैना नए अनुभव प्राप्त करने के लिए दृढ़ थीं और उनके परिवार ने पूरी यात्रा में उनका सहयोग दिया। अपनी इंटर्नशिप सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद उन्हें एल्केम में फुल-टाइम नौकरी का ऑफर मिला, जिससे उनके जीवन में एक नए प्रोफेशनल अध्याय की शुरुआत हुई। उन्होंने कहा कि घर से दूर जाना एक बड़ा कदम था, लेकिन मेरे पिता ने मुझे इस मौके का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। पीएमआईएस ने मुझे मूल्यवान अनुभव प्राप्त करने में मदद की, और आज अल्केम में पूर्णकालिक भूमिका प्राप्त करना एक नई यात्रा की शुरुआत जैसा लगता है।

इसी तरह हीरो मोटोकॉर्प के साथ इंटर्नशिप करने वाली हरियाणा की पारुल राजपूत ने कहा कि जब उन्हें पहली बार हीरो मोटोकॉर्प जैसे प्रमुख ब्रांड के साथ काम करने का अवसर मिला तो उन्हें  बहुत खुशी हुई। एक दोपहिया उत्पादन संयंत्र में काम करते हुए पारुल को जिम्मेदारी की एक मजबूत भावना महसूस होती है, क्योंकि उनके बनाए हर पुर्जे को गुणवत्ता और सुरक्षा के उच्चतम मानकों पर खरा उतरना होता है। पारुल राजपूत ने कहा कि मुझे लगता है कि ग्राहकों की सुरक्षा भी मेरे हाथों में है। मुझे यह पक्का करना है कि जिन पार्ट्स पर मैं काम करती हूं, उनमें कोई गलती न हो और मैं उसी ध्यान और लगन के साथ अपना काम जारी रखना चाहती हूं।

इस संवाद ने पीएमआईएस के बढ़ते प्रभाव को रेखांकित किया और विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप भविष्य के लिए तैयार वर्कफोर्स को विकसित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया।

प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (पीएमआईएस) प्रधानमंत्री के पांच पहलों के पैकेज का हिस्सा है जिसका उद्देश्य पांच साल की अवधि में भारतीय युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास और अन्य अवसरों को सुविधाजनक बनाना है।  यह योजना पूरे भारत में अग्रणी कंपनियों में पेड इंटर्नशिप के अवसर प्रदान करती है। पीएमआईएस को भारतीय युवाओं को व्यावहारिक अनुभव और उद्योग का अनुभव प्रदान करके उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

इस स्कीम के बारे में अधिक जानकारी के लिए   https://pminternship.mca.gov.in/  पर जाएं।

कार्यक्रम की तस्वीरें :

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पीके/केसी/आरकेजे

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