
जबलपुर: जबलपुर में सिटी अस्पताल के संचालक सरबजीत सिंह मोखा के द्वारा नकली इंजेक्शन खरीदने और फिर उसे अपने ही अस्पताल के मरीजों को लगाने के मामले में कुछ और सनसनीखेज जानकारियां सामने आ रही हैं.
आईटीआई चुंगी पर रहने वाली नीतू शिवहरे नाम की महिला ने एसपी ऑफिस पहुंच अपनी गुहार लगाई. महिला का आरोप है कि सरबजीत सिंह मोखा के सिटी हॉस्पिटल में उसके पति मनोज शिवहरे का इलाज चल रहा था और उसके पति को भी नकली रेमेडिसिविर इंजेक्शन लगाए गए. जिससे उसकी मौत हो गई. इतना ही नहीं जिस दिन पुलिस की रेड पड़ने वाली थी उस दिन पुलिस के आने के कुछ घंटे पहले ही आईसीयू में भर्ती कम से कम पांच मरीजों की अचानक एक साथ बेहद संदिग्ध तरीके से मौत हो गई.
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महिला का आरोप है कि इन मरीजों को भी नकली रेमेडिसिवर इंजेक्शन दिया गया था इसलिए उन्हें पुलिस के आने के पहले मार दिया गया. जिससे वे कोई बयान ना दे सके. पीड़ित महिला ने पुलिस अधिकारियों को दी गई लिखित शिकायत में इस पूरे मामले की बारीकी से जांच और सरबजीत सिंह मोखा के खिलाफ हत्या के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है.
महिला ने रोते बिलखते आरोपी को फांसी मिले इसकी मांग भी की है. इस मामले को देख रहे एडिशनल एसपी रोहित काशवानी ने पीड़ित महिला को उचित जांच का आश्वासन दिया और सभी आवश्यक दस्तावेज भी लिए हैं.
इसके अलावा एक और परिवार ने नकली रेमेडिसिविर लगने से मौत की शिकायत की है. जबलपुर में देर रात मैहर के कटरा बाजार के रहने वाले एक पीड़ित परिवार ने सिटी हॉस्पिटल के संचालक सरबजीत सिंह मोखा के खिलाफ शिकायत की है.
इंदौर में भी रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी थमने का नाम नहीं ले रही है. क्राइम ब्रांच की टीम ने एक रेमडेसिविर इंजेक्शन के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है.आरोपियों के पास से 2 मोबाइल और एक कार भी जब्त की है.
बता दें कि इंदौर में जीवन रक्षक आपूर्ति की कालाबाजारी करने वाले आरोपियों के खिलाफ रासुका की कार्रवाई के बाद अब अतिक्रमण तोड़ने की कार्रवाई भी की जाएगी. रेमेडसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी के मामले में गिरफ्तार आरोपियों में से लगभग 10 आरोपियों को नगर निगम ने नोटिस भेज दिया है.
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नगर निगम ने उनसे उनकी संपत्ति की जानकारी मांगी है और एक दिन का समय दिया है. काली कमाई के पैसे से बनाए संपत्ति पर निगम का बुलडोजर चलाया जाएगा. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आरोपियों के चल अचल संपत्ति को लेकर पुलिस को बड़ी कार्रवाई करने के लिए निर्देश और साथ ही फ्री हैंड दिया था. उसी क्रम में इंदौर में चल-अचल बेनामी संपत्ति को लेकर कार्रवाई शुरू हुई है.
खबर है कि हरदा में भी नेशनल हाइवे 59 ए श्री राम शरणम कालोनी से पुलिस ने 15 हजार में नकली रेमेडसिविर बेचते हुए अनुराग चंदेल नाम के युवक को पकड़ा है. जिनसे पूछताछ जारी है.
आपको बता दें कि प्रदेश में रेमडेसीवर इंजेक्शन की कालाबाजारी को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता जेपी धनोपिया ने प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. उनका कहना है कि प्रदेश सरकार कालाबाजारी को रोक पाने में असमर्थ है. साथ ही धनोपिया ने कहा कि काला बाजारी में भाजपा नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं. कोविड की अन्य दवाइयों और ब्लैक फंगस में लगने वाले इंजेक्शन की भी कालाबाजारी हो रही है. जो की सरकार के लिए शर्म की बात है.
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