
Iran US Tensions: ईरान और अमेरिका के बीच लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है. ट्रंप ने ईरान को अल्टीमेटम भी दे दिया है. इसी बीच UK के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने डोनाल्ड ट्रंप को RAF बेस का इस्तेमाल करने से रोक दिया है. ये ऐसे समय पर हुआ है जब अमेरिका ईरान पर हमला करने का प्लान बना रहा है. इसे लेकर UK के वकीलों का कहना है कि ऐसे हमलों में हिस्सा लेना इंटरनेशनल कानून का उल्लंघन हो सकता है. इसके अलावा क्या कुछ कहा जानते हैं.
हाथ लगी निराशा
US ईरान पर सीधे हमले के लिए इमरजेंसी प्लान बना रहा है. इसके लिए हाल के दिनों में मिडिल ईस्ट में लंबी दूरी के बॉम्बिंग और रीफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट भेजे गए हैं. डिफेंस अधिकारियों ने ट्रंप को बताया कि उनका देश शनिवार तक जंग के लिए तैयार हो जाएगा, क्योंकि 2003 के बाद से इस इलाके में US की सबसे बड़ी मिलिट्री तैयारी हो चुकी है. पहले सहयोगी देशों में यूरोपियन एयर बेस का इस्तेमाल होने की संभावना थी. US को डिएगो गार्सिया इस्तेमाल करने के लिए मंजूरी की जरूरत नहीं थी, लेकिन RAF बेस इस्तेमाल करने से पहले UK सरकार से पूछना पड़ा. जिसके बाद उनके हाथ निराशा लगी.
ट्रंप ने कही ये बात
इससे पहले ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट करते हुए लिखा कि अगर ईरान डील नहीं करने का फैसला करता है तो यूनाइटेड स्टेट्स के लिए डिएगो गार्सिया और फेयरफोर्ड में मौजूद एयरफील्ड का इस्तेमाल करना जरूरी हो सकता है, ताकि एक बहुत अस्थिर और खतरनाक सरकार के संभावित हमले को खत्म किया जा सके. ट्रंप की बातों को RAF फेयरफोर्ड से लंबी दूरी की बमबारी शुरू करने की परमिशन के लिए US की रिक्वेस्ट का रेफरेंस माना गया, जो ग्लॉस्टरशायर में एक मिलिट्री बेस है और जहां US एयर फोर्स के लोग रहते थे.
ठहराया जा सकता है जिम्मेदार
हालांकि, UK ने अभी तक मंजूरी नहीं दी थी क्योंकि सरकारी वकीलों ने चिंता जताई थी. उन्होंने कहा कि हमलों में हिस्सा लेना इंटरनेशनल कानून का उल्लंघन हो सकता है. सरकारी सूत्रों ने कहा कि पिछली गर्मियों में US प्रेसिडेंट के ईरान की न्यूक्लियर फैसिलिटीज पर हमले में हिस्सा लेने से इसी तरह इनकार करने के बाद UK के ईरान पर किसी भी पहले से मिलिट्री हमले का सपोर्ट करने की संभावना नहीं है. अगर UK को इंटरनेशनल लेवल पर गलत काम के हालात की जानकारी होती तो 2001 में पास हुए UN के आदेश के तहत US द्वारा ईरान पर गैर-कानूनी हमले के लिए UK को जिम्मेदार ठहराया जा सकता था.
ट्रंप ने डील से वापस लिया था सपोर्ट
जिससे नाराज होकर ट्रंप ने चागोस डील (जिसमें यूके चागोस आइलैंड्स की संप्रभुता मॉरिशस को देने वाला था और बेस को 99 साल के लिए लीज पर लेना था) से अपना सपोर्ट वापस ले लिया था. इस मनाही के बाद ट्रंप ने लिखा कि हम हमेशा U.K. के लिए लड़ने के लिए तैयार, इच्छुक और काबिल रहेंगे, लेकिन उन्हें वोकिज्म और उनके सामने आने वाली दूसरी समस्याओं का सामना करने के लिए मजबूत रहना होगा, डिएगो गार्सिया को जाने मत दो.

