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MS Dhoni retirement:

30 दिसंबर साल 2014 का वो दिन जब भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे महानतम कप्तानों में से एक महेंद्र सिंह धोनी ने बीच सीरीज में अचानक टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला लिया. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ऐतिहासिक मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी का बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच खेला जा रहा था कि तभी महेंद्र धोनी ने टेस्ट क्रिकेट छोड़ने का मन बन लिया. न कोई ड्रामा, न फेयरवेल मैच, ना ही कोई लंबा-चौड़ा भाषण और ना ही खिलाड़ियों के कंधे पर बैठकर ग्राउंड के चक्कर लगाना. मैच खत्म होता है धोनी पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में 44 मिनट तक पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हैं, लेकिन किसी को इस भनक भ नहीं लग पाई की वह संन्यास के मूड में हैं.  अचानक, बीसीसीआई ने प्रेस रीलीज के माध्यम से धोनी के टेस्ट क्रिकेट छोड़ने के फैसले को पब्लिक किया. क्रिकेट फैंस के बीच मानो मातम छा गया हो.धोनी के उस फैसले को फैंस याद करके आज भी याद करते हैं.

बीच सीरीज से संन्यास
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी का तीसरा मैच खेला जा रहा था. टीम इंडिया सीरीज हार चुकी थी और ये मैच भी ड्रॉ हुआ. युवा बल्लेबाज विराट कोहली और अंजिंक्य रहाणे की बेहतरीन पारियों ने टीम इंडिया को मैच हारने से बचा लिया और यह मैच ड्रा पर खत्म हुआ. सीरीज का आखिरी मैच सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में खेला जाना था, लेकिन माही के संन्यास के फैसले ने सभी के होश उड़ा दिए. पूर्व खिलाड़ियों,विषेज्ञयों से लेकर भारतीय फैंस तक सभी के मन हजारों सवाल थे आखिर क्या हुआ होगा.अचानक ऐसा क्यों हुआ, इतनी जल्दी भी क्यों इत्यादि, लेकिन उससे भी ज्यादा शॉकिंग था यंग विराट का अगला मैच, जिसमें उन्हें ऑस्ट्रेलिया के सामने भारतीय टीम की बागडोर संभालना,

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टेस्ट में धोनी की लेगेशी
धोनी ने करियर में कई सारी उपलब्धियां हासिल की थी. उनकी कप्तानी में भारतीय टीम टेस्ट क्रिकेट इतिहास में पहली बार टीम इंडिया साल 2009 में नंबर 1 बनी थी. इसके बाद तकरीबन 18 महीनों तक टीम इंडिया नंबर 1 स्पॉट पर कायम रही थी. धोनी ने अपने करियर के दौरान 60 मैचों में टीम इंडिया की कप्तानी की, जिसमें उन्हें 27 मैचों में जीत हासिल की. वहीं, अगर बात करें उनके ओवरऑल टेस्ट करियर की तो साल 2005 में श्रीलंका के खिलाफ माही ने अपना पहला टेस्ट मैच खेला था उसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. ओवरऑल खेले गए 90 टेस्ट मैचों में धोनी ने 38.90 की औसत से 4876 रन बनाए, जिसमें उन्होंने 6 शतक और 33 अर्धशतक लगाए. वहीं, उनका उच्चतम स्कोर 224 रनों का रहा, जो कि चेन्नई में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आया.

धोनी बतौर विकेटकीपर

पूरे टेस्ट इतिहास में सबसे ज्यादा विकेटकीपिंग में शिकार करने के मामले में धोनी का नाम पांचवें स्थान पर है. उन्होंने ओवरऑल कैच और स्टंपिंग को मिलाकर 294 शिकार किया, जिसमें उन्होंने 256 कैच पकड़े और 38 स्टंपिंग किए. 

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