
Iran Protest: ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शन के साथ खामेनेई की सत्ता और क्रूर होती जा रही है. वहां की राजधानी तेहरान के अस्पताल लाशों से भरे पड़े हैं और सड़कों से शवों को हटाने के लिए अर्थमूवर मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है. इतना ही नहीं मृतकों के परिवारों को उन गोलियों का हर्जाना चुकाने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जिन्होंने उनके बच्चों की जान ली है. भारत में रहने वाले ईरानियों का कहना है कि उन्हें अपने घर पर मौजूद प्रियजनों से कुछ ऐसी ही तस्वीरें मिल रही हैं.
पहले देनी होगी फीस
‘TOI’ की रिपोर्ट के मुताबिक तेहरान की मूल निवासी और अब साउथ इंडिया के एक शहर में रहने वाली अबगिन खाकी ने बताया कि उन्होंने मंगलवार 13 जनवरी 2026 की शाम अपने माता-पिता से बात की थी. उन्होंने बताया कि वे सुरक्षित हैं, लेकिन चारों ओर लाशों का ढेर लगा है. उन्होंने कहा,’ मेरे पिता ने बताया कि अस्पताल लाशों से भरे पड़े हैं. प्रशासन सड़कों को साफ करने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल कर रहा है. वे मृतकों को तब तक परिवारों को नहीं सौंप रहे हैं जब तक कि वे लगभग 50 करोड़ तोमान (3,60,000 रुपये) का पेमेंट न कर दें.’ उन्होंने आगे कहा,’ कुछ अधिकारी गोली की कीमत भी मांग रहे हैं. यह कैसा राज्य है जो अपने ही लोगों के साथ ऐसा करता है?’
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प्रदर्शनकारियों पर चला रहे गोलियां
खाकी ने आगे बताया,’ लोग रोटी-अंडे तक नहीं खरीद सकते. हमारे माता-पिता की पीढ़ी को इस बात का पछतावा है कि जब वे बोल सकते थे तब उन्होंने आवाज नहीं उठाई. अब वे हमारा साथ दे रहे हैं. हम इस शासन को हर हाल में हटाना चाहते हैं.’ उन्होंने बताया कि तेहरान में रोजाना दोपहर 3 बजे से कर्फ्यू लगा रहता है. सड़कों पर रिवॉल्यूशनरी गार्ड तैनात किए गए हैं. इसके बावजूद लोग बाहर निकल रहे हैं. खाकी के मुताबिक सुरक्षाबलों ने अब पेलेट गन का इस्तेमाल बंद कर दिया है. इसकी जगह अब वे असली गोलियां चला रहे हैं. वे महिलाओं और बच्चों समेत किसी को भी नहीं छोड़ रहे हैं.
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दिल्ली में भी किया प्रदर्शन
नई दिल्ली में बुधवार 14 जनवरी 2025 को ईरानियों का एक समूह अपने दूतावास के बाहर इकट्ठा हुआ. इस दौरान उन्होंने 1979 से पहले का शेर और सूर्य के प्रतीक चिन्ह वाला राष्ट्रीय ध्वज लहराया. इसको लेकर मोहम्मद नाम के एक शख्स ने कहा,’ हम यहां अपने भाइयों और बहनों के लिए आवाज उठाने आए हैं. हम चाहते हैं कि भारतीयों को पता चले कि क्या हो रहा है और हमें उनका समर्थन चाहिए.’ इस बीच भारतीय दूतावास ने बुधवार 14 जनवरी 2026 को एक एडवाइजरी जारी कर ईरान में रहे रहे सभी भारतीय नागरिकों से देश छोड़ने का आग्रह किया. वर्तमान में ईरान में कम से कम 3,000 भारतीय छात्र हैं, जिनमें से लगभग 2,300 कश्मीर से हैं.

