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प्रधानमंत्री ने मूलभूत ज्ञान की सुरक्षा के महत्व पर संस्कृत सुभाषित साझा किया

प्रविष्टि तिथि: 25 FEB 2026 8:43AM by PIB Delhi

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषित साझा किया, जिसमें ज्ञान की मूलभूत जड़ों तथा दैनिक अनुशासन की रक्षा के निर्णायक महत्व पर बल दिया गया है। प्रधानमंत्री द्वारा साझा किया गया सुभाषित इस प्रकार है:

विप्रो वृक्षस्तस्य मूलं च सन्ध्या वेदाः शाखा धर्मकर्माणि पत्रम्।

तस्मान्मूलं यत्नतो रक्षणीयं छिन्ने मूले नैव शाखा न पत्रम्॥

ज्ञानी व्यक्ति एक वृक्ष के समान होता है। उस ज्ञानरूपी वृक्ष की जड़ नित्य उपासना है। वेद उसकी शाखाएँ हैं और अच्छे कर्म उसके पत्ते हैं। इसलिए उस जड़ की विशेष देखभाल करनी चाहिए, क्योंकि जड़ नष्ट हो जाने पर न शाखाएँ बचती हैं और न ही पत्ते।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

विप्रो वृक्षस्तस्य मूलं च सन्ध्या वेदाः शाखा धर्मकर्माणि पत्रम्।

तस्मान्मूलं यत्नतो रक्षणीयं छिन्ने मूले नैव शाखा न पत्रम्॥

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