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प्रधानमंत्री ने विश्व की विविध संस्कृतियों के सम्मान के महत्व को दर्शाते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
प्रविष्टि तिथि: 29 JUN 2026 10:43AM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया:
“देशाचारान् समयाञ्जातिधर्मान् बुभूषते यस्तु परावरज्ञः।
स तत्र तत्राधिगतः सदैव महाजनस्याधिपत्यं करोति॥”
यह सुभाषितम दर्शाता है कि विश्व की विविध संस्कृतियों का सम्मान करने से लोगों के बीच विश्वास और सहयोग की भावना बढ़ती है और आपसी समझ तथा भाईचारा मजबूत होता है।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा:
दुनिया की अलग-अलग संस्कृतियों का सम्मान करने से लोगों के बीच विश्वास और सहयोग की भावना बढ़ती है। इससे आपसी समझ और भाईचारा और मजबूत होता है।
देशाचारान् समयाञ्जातिधर्मान् बुभूषते यस्तु परावरज्ञः।
स तत्र तत्राधिगतः सदैव महाजनस्याधिपत्यं करोति॥
दुनिया की अलग-अलग संस्कृतियों का सम्मान करने से लोगों के बीच विश्वास और सहयोग की भावना बढ़ती है। इससे आपसी समझ और भाईचारा और मजबूत होता है।
देशाचारान् समयाञ्जातिधर्मान् बुभूषते यस्तु परावरज्ञः।
स तत्र तत्राधिगतः सदैव महाजनस्याधिपत्यं करोति॥ pic.twitter.com/sPpJlYZbAM
— Narendra Modi (@narendramodi) June 29, 2026
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