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Patna: कोरोना से बचाव के लिए पूरे देश में टीकाकरण चल रहा है. बिहार में भी कोरोना टीकाकरण की रफ्तार लगातार बढ़ रही है. इस बीच,अस्पतालों में भर्ती और घरों में रह रहे मानसिक रोगियों को कोविड टीकाकरण में प्राथमिकता दिए जाने के लिए जनहित याचिका पटना हाईकोर्ट में दायर हुई है.

याचिका में कहा है कि राज्य में मानसिक रोगियों के लिए चिकित्सा ज्यादा व्यवस्था नहीं है. 2017 मेंटल हेल्थ केयर कानून के तहत सूबे के मानसिक रोगियों को उनका कानूनी अधिकार पूरी तरह से नहीं मिला है.

मानसिक रोगी और उनकी देखभाल करने वाले एटेंडेंट को कोरोना संक्रमण के संवेदनशील समूह में डालने की गुहार उक्त याचिका में लगाई गई है. याचिका में कहा गया है कि मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति न तो सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन करने में सक्षम है और न ही मास्क लगाने में और वह कोरोना की महामारी को समझने में भी असमर्थ है, इसलिए उनकी प्राथमिकता से कोरोना का टीकाकरण जरूरी है.

वहीं, अगर राज्य में कोरोना के मामलों की बात करें तो स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में गुरुवार को पिछले 24 घंटे में 2568 कोरोना के मामले सामने आए हैं. इस दौरान राज्य में कोरोना के 1,22,126 टेस्ट किये गए थे. राज्य में लॉकडाउन व बेहतर प्रबंधन की वजह से 25 जिलों में 100 से कम मरीज मिलें हैं. इसके अलावा 8 जिलों में `151 से भी कम मामले सामने आए हैं, जबकि 4 जिलों में मात्र 26 नये केस मिलने हैं. 

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एक बार फिर से पटना में सबसे ज्यादा कोरोना के मामले सामने आएं हैं. इस दौरान पटना में 369 मामले सामने आए हैं. इसके अलावा गोपालगंज में 151  बेगूसराय में 136, मुजफ्फरपुर में 128, सारण में 121, किशनगंज में 118, अररिया में 111, सुपौल में 108 और वैशाली में 107 कोरोना के मामले मिलें है.