
Patna: बिहार में 1 जून से 7 जून तक बाढ़ सुरक्षा सप्ताह (Flood Safety Week) का आयोजन होगा. इस सुरक्षा सप्ताह के आयोजन के लिए सभी जिलों के डीएम सह अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को दिशा निर्देश भेज दिया गया है.
बाढ़ सुरक्षा सप्ताह के मौके पर लोगों को बाढ़ से होने वाली गृह क्षति, फसल की क्षति समेत जान माल की क्षति से बचाव की जानकारी देने के लिए जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा.
इस दौरान राज्य में वैश्विक महामारी कोविड से बचाव के लिए सभी प्रोटोकॉल को अपनाने की सलाह दी गयी है. लोगों में जागरूकता के लिए ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित किये जा सकते हैं.
बाढ़ की स्थिति में क्या करें, क्या न करें का व्यपक प्रचार प्रसार किया जाएगा. बाढ़ सुरक्षा पर आधारित होर्डिंग्स, पोस्टर, पम्पलेट, दिवाल लेखन से जहां लोगों को जागरूक किया जाएगा. ताकि राज्य में बाढ़ से होने वाली जन धन की क्षति को कम से कम किया जा सके.
इस जागरूकता अभियान में सिविल डिफेंस, रेड क्रोस, स्काउट एंड गाइड, एनएसएस, एनसीसी आदि संस्थाओं का सीमित सहयोग भी लिया जाएगा.विदित हो कि राज्य के 28 जिले बाढ़ प्रवण जिले हैं. इसमें 15 जिले अति बाढ़ प्रवण जिले की श्रेणी में हैं. शेष अन्य जिले बाढ़ प्रवण कोटि में आते हैं.
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गौरतलब है कि राज्य के सीएम नीतीश कुमार बाढ़ से होने वाली जानमाल की हानि को कम करने के लिए लगातार बैठक कर रहे हैं. अभी हाल में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने आवास पर
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बाढ़ से निपटने की तैयारियों पर बैठक की थी. इसमें सांसदों/ विधानपार्षदों /विधायकों के साथ प्रमंडलवार बैठक में मिले सुझावों की समीक्षा की गई थी. मीटिंग में जल संसाधन विभाग के सचिव संजीव कुमार हंस ने प्रेजेंटेशन दिया था.
उन्होंने बताया था कि 13-21 मई तक जनप्रतिनिधियों के साथ जल संसाधन, लघु जल संसाधन, ग्रामीण कार्य और पथ निर्माण विभाग की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से प्रमंडलवार बैठक की गई है. इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्र से संबंधित बाढ़ पूर्व कार्यों और भावी परियोजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए थे.
