
Patna: कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) को लेकर ट्वीट कर पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी (Sushil kumar Modi) ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के पीक पर होने के बावजूद कोरोना संक्रमण के दर में कमी बेहद राहत देने जैसा है.
इसके बावजूद अस्पतालों में बेड और आईसीयू की कमी दूर करने की चुनौती बनी हुई है. उन्होंने कहा कि संक्रमण के गांवों में फैलने की खबरों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए. इसमें पंचायत प्रतिनिधि बड़ी भूमिका निभा सकते हैं.
पूर्व उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) जी ने भी गांव पर विशेष ध्यान देने और घर-घर जाकर टीका लगाने पर जोर दिया, इसलिए सरकार, पंचायत प्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों को मिलाकर हर गांव में कोरोना की नो-एंट्री सुनिश्चित करनी चाहिए.
सांसद सुशील मोदी ने कहा कि भारत में 114 दिनों के भीतर 17 करोड़ से अधिक डोज दिये जाने के साथ सबसे तेज टीकाकरण हुआ और मई के 13 दिनों में 18 पार के 24 लाख युवाओं को भी कोरोना की पहली डोज दी गयी.
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डिप्टी सीएम ने ट्वीट कर दावा किया है कि अब रेमडेसिवीर इंजेक्शन और अन्य जरूरी की भी कमी नहीं है. ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ाई गई. कई अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट काम करने लगे.
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों ने मिलजुल कर जो प्रयाय किये, उससे बिहार, यूपी, राजस्थान सहित 18 राज्यों में एक सप्ताह से संक्रमण दर घट रही है.
सांसद सुशील मोदी के अनुसार, अब तक 2 करोड़ से ज्यादा देशवासी कोरोना को हराने में सफल रहे. कोरोना की पीक का दौर पार होने के संकेत मिलने लगे. संक्रमित होने की दर 21.9 फीसद से घट कर 19.8 फीसद हो गई.
