
लखनऊ: सरकारी विभाग में संविदा पर नौकरी लगवाने का झांसा देकर एक प्लेसमेंट एजेंसी संचालक पर 15 लोगों से डेढ़ करोड़ रुपये हड़पने का मामला सामने आया है. पीड़ितों ने जानकीपुरम पुलिस थाने में तहरीर दी है. कमिश्नर ने मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
प्लेसमेंट एजेंसी संचालक ने 15 बेरोजगारों से ठगे करीब डेढ़ करोड़ रुपये
यूपी की राजधानी लखनऊ में बेरोजगारों से बड़ा फ्रॉड हुआ है. एम्स दिल्ली, रेलवे, पीडब्ल्यूडी और बैंक में नौकरी लगवाने के नाम पर प्लेसमेंट एजेंसी संचालक और उसके कर्मचारियों ने 15 बेरोजगारों से करीब डेढ़ करोड़ रुपये ठग लिए हैं. रुपये लेने के बाद संचालक ने मोबाइल बंद कर लिया और फरार हो गया. पीडि़तों ने जानकीपुरम थाने में मामले की तहरीर दी है.
यूपी की सहकारी चीनी मिलों में निकली भर्तियां, अभ्यर्थी 15 जून तक करें ऑनलाइन आवेदन
रेलवे, बैंक और पीडब्ल्यूडी में नौकरी के नाम पर हड़पे रुपये
जानकारी के मुताबिक जानकीपुरम शिव विहार कालोनी के रहने वाले रावेंद्र कुमार नौकरी की तलाश में थे और साल 2018 में उन्हें आईआईएम रोड स्थित एक प्लेसमेंट एजेंसी का पता चला. एजेंसी के दफ्तर पहुंच कर निदेशक से उन्होंने मुलाकात की. इस दौरान उन्हें निदेशक ने बताया कि रेलवे, पीडब्ल्यूडी, एम्स नई दिल्ली और बैंक में संविदा कर्मियों की भर्ती के लिए उनकी एजेंसी को अधिकृत किया गया है. निदेशक का कहना था कि वह कई लोगों को नौकरी दिला चुके हैं. जिस तरह रावेंद्र इसके चंगुल में फंसा उसी तरह 14 अन्य युवक भी एजेंसी के झांसे में आ गए.
कुल 15 लोगों से ठगे लाखों रुपये
कुल 15 व्यक्तियों से रुपये ऐंठे गए. इसके बाद दो दिन के अंदर सबको नियुक्ति पत्र देने के साथ ही ट्रेनिंग पर भेजने के लिए कहा गया. जब दो दिन बाद ये लोग आफिस पहुंचे तो वहां ताला जड़ा मिला. इसके बाद फोन मिलाया तो स्विच ऑफ मिला. काफी तालाश के बाद भी कुछ पता न चला. जिसके बाद थाने में पीड़ितों ने केस दर्ज कराया.
कमिश्नर ने मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए
इस पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी गई तो पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया. सुनवाई नहीं होने पर उन्होंने पुलिस कमिश्नर को पत्र भेज कर कार्रवाई की मांग की है. इंस्पेक्टर जानकीपुरम के मुताबिक तहरीर की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
एजेंसी संचालक ने बुरी तरह पीटा
30 अक्टूबर को रावेंद्र की मुलाकात एजेंसी संचालक से हुई. रुपये मांगने पर आरोपी ने साथियों की मदद से रावेंद्र की पिटाई कर दी. घायल रावेंद्र को परिवार वालों ने निजी अस्पताल में भर्ती कराया. कई महीने तक चले इलाज के बाद रावेंद्र को अस्पताल से छुट्टी मिली। इसके बाद वह मुकदमा दर्ज कराने के लिए जानकीपुरम थाने गए थे.
अयोध्या: सीएम योगी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मसौधा को लिया गोद, मिलेंगी ये सुविधाएं
बांदा की हाई सिक्योरिटी जेल की सुरक्षा में सेंध, गिनती के दौरान कैदी लापता, मुख्तार अंसारी की सुरक्षा पर उठे सवाल
WATCH LIVE TV
