श्रम और रोजगार मंत्रालय
ब्रिक्स रोजगार कार्य समूह की दूसरी बैठक का पहला दिन तिरुवनंतपुरम में संपन्न हुआ
ब्रिक्स सदस्यों ने सामाजिक सुरक्षा, महिला कार्यबल भागीदारी और कौशल विकास पर सहयोग की वकालत की क्रमिक सामाजिक सुरक्षा कवरेज के लिए सामूहिक दृष्टिकोण को बल दिया
सामाजिक सुरक्षा और कौशल ढांचे पर ब्रिक्स क्षमता निर्माण फोरम स्वैच्छिक, सर्वसम्मति-आधारित तंत्र के रूप में प्रस्तावित
प्रविष्टि तिथि: 06 MAY 2026 6:37PM by PIB Delhi
भारत की अध्यक्षता में आज तिरूवनंतपुरम में ब्रिक्स रोजगार कार्य समूह (ईडब्ल्यूजी) की दूसरी बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों- चीन, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, इंडोनेशिया, रूस, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधिमंडलों के साथ-साथ ज्ञान भागीदारों- अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन, अंतर्राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा संघ और संयुक्त राष्ट्र भारत के प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए। पहले दिन के एजेंडे के रूप में बैठक में तीन प्राथमिकता वाले क्षेत्रों सामाजिक सुरक्षा और औपचारिकता, महिलाओं के कार्यबल की भागीदारी और कौशल विकास में सहयोग को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया ।

सचिव (श्रम और रोजगार) सुश्री वंदना गुरनानी ने अपने उद्घाटन भाषण में काम की दुनिया को नया आकार देने वाले गहन परिवर्तनों पर बल दिया। तकनीकी तेज़ी, आर्टफिशल इन्टेलिजन्स, हरित परिवर्तन, जनसांख्यिकीय बदलाव और गिग और प्लेटफॉर्म वर्क का तेजी से विस्तार सभी ब्रिक्स देशों में श्रम बाजारों को फिर से परिभाषित कर रहे हैं। सचिव (एलएंडई) ने ब्रिक्स सदस्य देशों की सामूहिक जिम्मेदारी को रेखंकित करते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सामाजिक सुरक्षा प्रणाली अनुकूल हो, महिलाओं की भागीदारी में तेजी आए, कौशल प्रणाली उत्तरदायी हो और डिजिटल प्रौद्योगिकियां समावेशन की सेवा करें।
सामाजिक सुरक्षा और श्रम बाजार को औपचारिक रूप देने को आगे बढ़ाने पर प्राथमिकता क्षेत्र पर चर्चा के दौरान, यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि सदस्य देशों द्वारा सामाजिक सुरक्षा कवरेज में वृद्धिशील प्रगतिशील वृद्धि के लिए एक सामूहिक दृष्टिकोण प्राप्त किया जा सकता है। ब्रिक्स राष्ट्र एक साथ वैश्विक कार्यबल के एक महत्वपूर्ण हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं और जबकि उल्लेखनीय प्रगति हुई है, कवरेज अंतराल जारी है। चर्चाओं में इस बात की पुष्टि की गई कि विचारों, चुनौतियों और समाधानों के आपसी आदान-प्रदान के माध्यम से ज्ञान साझा करना, सहकर्मी सीखना और क्षमता निर्माण इस प्रयास के केंद्र में होगा।
The 2nd BRICS Employment Working Group meeting under India’s Presidency commenced in Thiruvananthapuram.#BRICS2026 #EmploymentWorkingGroup #IndiaPresidency pic.twitter.com/o8e72jma1Q
— Ministry of Labour & Employment, GoI (@LabourMinistry) May 6, 2026
सामाजिक सुरक्षा को आगे बढ़ाने पर प्रस्तावित ब्रिक्स क्षमता निर्माण फोरम को एक सामयिक और प्रासंगिक तंत्र के रूप में मान्यता दी गई थी। फोरम की परिकल्पना डेटा आर्किटेक्चर पर क्षमता निर्माण, अनौपचारिक, स्व-नियोजित और गिग श्रमिकों को कवरेज बढ़ाने के लिए तकनीकी आदान-प्रदान और कवरेज अंतराल को दूर करने के लिए विधि संबंधी उपकरण विकसित करने की संभावना तलाशने पर केंद्रित करने के लिए की गई है।
कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी और समावेशन बढ़ाने पर प्राथमिकता वाले क्षेत्र पर चर्चाओं में इस बात की पुष्टि की गई कि ब्रिक्स देशों ने महिलाओं के कार्यबल की भागीदारी बढ़ाने में उल्लेखनीय प्रगति की है। हालांकि संरचनात्मक बाधाएं बनी हुई हैं। इनके लिए निरंतर और समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता है। ब्रिक्स सदस्य देशों ने उच्च विकास वाले क्षेत्रों और नेतृत्व मार्गों में महिलाओं की भागीदारी को चलाने के लिए मजबूत और समावेशी नीतिगत ढांचे की वकालत की। सदस्य देशों ने प्रत्येक सदस्य देश की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं का सम्मान करते हुए स्वैच्छिक सहयोग और सर्वोत्तम अभ्यास साझा करने द्वारा समर्थित एक व्यावहारिक, साक्ष्य-आधारित दृष्टिकोण का आह्वान किया।
रोजगार योग्यता, कौशल मानचित्रण और विकास पर प्राथमिकता वाले क्षेत्र पर विचार-विमर्श ने स्पष्ट रूप से ब्रिक्स में संरचित सहयोग की आवश्यकता को रेखांकित किया। प्रस्तावित ढांचा कौशल बुद्धिमत्ता में सुधार, योग्यता की तुलनात्मकता बढ़ाने और डिजिटल, हरित और देखभाल अर्थव्यवस्था कौशल पर ज्ञान के आदान-प्रदान की सुविधा पर ध्यान केंद्रित करेगा। सदस्य देशों ने कौशल और योग्यता की तुलना बढ़ाने के लिए सामूहिक और समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया। कौशल असंतुलन को कम करने और श्रम गतिशीलता को बढ़ाने के लिए वर्त्तमान योग्यता ढांचे, कौशल वर्गीकरण और व्यावसायिक शिक्षा प्रणालियों के बीच घनिष्ठ संबंध आवश्यक है। इन सभी बातो पर बल दिया गया हैं।
तेजी से श्रम बाजार में बदलाव की पृष्ठभूमि में, सदस्य राज्यों ने एनईईटी दरों को कम करने के उद्देश्य से विस्तारित अप्रेंटिसशिप, इंटर्नशिप, व्यावसायिक शिक्षा, उद्यमिता कार्यक्रमों और शिक्षा, रोजगार या प्रशिक्षण (एनईईटी) में नहीं रहने वाले युवाओं के लिए लक्षित पहल के माध्यम से युवा रोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में काम करने का प्रस्ताव दिया।
विचार-विमर्श के दौरान, सदस्य देश समृद्ध ज्ञान-साझाकरण सत्रों में शामिल हुए। इसमें अपने-अपने देशों से नवीन पहल और सर्वोत्तम प्रथाओं को प्रस्तुत किया गया। सहयोग, आपसी सीखने और दक्षिण-दक्षिण सहयोग की रचनात्मक भावना की व्यापक रूप से सराहना की गई। इसमें प्रतिनिधिमंडलों ने प्रस्तावित परिणामों में विश्वास व्यक्त किया।
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पीके/केसी/एसके
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