US seeks to strip citizenship of convicted rapist: अमेरिका में भारतीय मूल के एक व्यक्ति की नागरिकता को लेकर बड़ा कानूनी कदम उठाया गया है.अमेरिकी न्याय विभाग ने न्यूयॉर्क की अदालत में याचिका दायर कर गुरमीत सिंह की अमेरिकी नागरिकता रद्द करने की मांग की है. आरोप है कि सिंह ने अमेरिकी नागरिकता हासिल करते समय अपने पुराने और गंभीर अपराधों की जानकारी छुपाई थी.
कौन है गुरमीत सिंह?
गुरमीत सिंह भारतीय मूल का है और अमेरिका में टैक्सी ड्राइवर के तौर पर काम कर चुका है.न्याय विभाग के अनुसार, नागरिकता लेने से पहले वह एक महिला के अपहरण और दुष्कर्म जैसे अपराधों में शामिल था, लेकिन उसने अपने नैचुरलाइजेशन फॉर्म में इन घटनाओं का कोई जिक्र नहीं किया.
कैसे दिया जघन्य अपराध को अंजाम?
सरकारी दस्तावेजों में बताया गया है कि एक महिला यात्री टैक्सी में सो गई थी.इसी दौरान सिंह टैक्सी को सुनसान जगह पर ले गया. महिला के जागते ही उसने उसके गले पर चाकू रखकर जान से मारने की धमकी दी. इसके बाद महिला को बांधा, आंखों पर पट्टी बांधी और उसके साथ दुष्कर्म किया.
फिर भी कैसे बन गया अमेरिकी नागरिक?
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन आरोपों के बावजूद गुरमीत सिंह ने अमेरिकी नागरिकता के लिए आवेदन किया और 19 अक्टूबर 2011 को उसे अमेरिकी नागरिकता मिल गई.
न्याय विभाग का कहना है कि यह नागरिकता झूठ और तथ्यों को छुपाकर हासिल की गई.
कोर्ट ने क्या सजा सुनाई?
बाद में न्यूयॉर्क स्टेट कोर्ट ने गुरमीत सिंह को फर्स्ट डिग्री रेप. सेकंड डिग्री किडनैपिंग (यौन उद्देश्य से) का दोषी ठहराया. अदालत ने उसे 20 साल की जेल की सजा सुनाई.
अमेरिकी सरकार क्यों है सख्त?
अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पामेला बॉन्डी ने कहा “अमेरिकी नागरिकता एक पवित्र अधिकार नहीं, बल्कि ईमानदारी से कमाया गया विशेषाधिकार है. जो लोग अपराध छुपाकर नागरिकता लेते हैं, उनसे यह छीनी जाएगी.” न्याय विभाग के अनुसार, यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं है, बल्कि यह संदेश देने का है कि अपराधियों के लिए अमेरिकी नागरिकता की कोई ढाल नहीं बनेगी.
क्या कहता है अमेरिकी कानून?
Immigration and Nationality Act के तहत अगर कोई व्यक्ति गलत जानकारी देकर या अहम तथ्य छुपाकर नागरिकता हासिल करता है, तो उसकी नागरिकता रद्द की जा सकती है.
इसी कानून के तहत गुरमीत सिंह के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.
