स्टार खिलाड़ियों की जिंदगी बाहर से जितनी चमकदार दिखती है, उतनी ही असुरक्षित भी होती जा रही है. बड़े मैच, तय शेड्यूल और पब्लिक प्रोफाइल अब उनकी सबसे बड़ी कमजोरी बन चुके हैं. इसका ताजा उदाहरण NFL के युवा क्वार्टरबैक शेड्यूर सैंडर्स हैं. 23 साल के सैंडर्स ने शानदार कॉलेज करियर के बाद प्रोफेशनल लीग में कदम रखा और करोड़ों की डील साइन की. लेकिन जिस दिन वे मैदान में अपना पहला बड़ा मुकाबला खेल रहे थे, उसी वक्त उनके घर पर चोरों ने धावा बोल दिया. करीब 12 मिनट में चोर लाखों की लग्जरी चीजें लेकर फरार हो गए. 

स्टारडम बना चोरों का सबसे आसान हथियार

दरअसल, यह कोई पहली घटना नहां है. हाल के महीनों में कई बड़े खिलाड़ियों के घर इसी तरह निशाना बने हैं. फुटबॉल, बास्केटबॉल और हॉकी जैसे खेलों के दिग्गज खिलाड़ी चोरों की लिस्ट में ऊपर हैं. वजह साफ है मैच का समय पहले से तय और सार्वजनिक होता है. अपराधियों को पता होता है कि खिलाड़ी कब घर पर नहीं होंगे. विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसे खिलाड़ी महंगे कपड़े, ज्वेलरी, कैश और दूसरी कीमती चीजें घर में रखते हैं, जो आसानी से उठाई जा सकती हैं. यही कारण है कि कुछ ही मिनटों में चोरी कर फरार होना इन गिरोहों के लिए आसान हो गया है. स्टारडम जितना बड़ा, खतरा उतना ही ज्यादा.

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पैसा बढ़ा लेकिन सुरक्षा पीछे रह गई

क्रिमिनोलॉजी के जानकार मानते हैं कि असली समस्या खिलाड़ियों की कम होती सुरक्षा व्यवस्था है. कमाई करोड़ों में पहुंच चुकी है, लेकिन घरों की सुरक्षा अक्सर सामान्य रिहायशी स्तर की ही रहती है. हाई-वैल्यू सामान साधारण लॉक और सीमित निगरानी के भरोसे छोड़ दिया जाता है. यही गैप चोरों को मौका देता है. कई मामलों में संगठित अंतरराष्ट्रीय गिरोह शामिल पाए गए हैं, जो रेकी, निगरानी और तय प्लान के साथ वारदात को अंजाम देते हैं. चोरी के बाद सामान को ब्लैक मार्केट में बेच दिया जाता है, जहां लग्जरी ब्रांड्स, ज्वेलरी और आर्टवर्क आसानी से खप जाते हैं. यह एक पूरा नेटवर्क है, जो खिलाड़ियों की प्रसिद्धि पर ही पल रहा है.

सोशल मीडिया वयारल हुआ मामला 

लगातार बढ़ती घटनाओं के बाद खेल लीग और खिलाड़ी संघ भी हरकत में आए हैं. खिलाड़ियों को चेताया गया है कि सोशल मीडिया पोस्ट, लोकेशन अपडेट और पब्लिक शेड्यूल अपराधियों को जानकारी दे सकते हैं. चोर कई बार माली, जॉगर या आसपास के लोगों के रूप में निगरानी करते हैं. अब खिलाड़ियों को निजी सुरक्षा, एडवांस अलार्म सिस्टम और प्रोफेशनल एजेंसियों की मदद लेने की सलाह दी जा रही है. साफ है कि आज के दौर में स्टार खिलाड़ी होना सिर्फ सम्मान नहीं, बड़ी जिम्मेदारी भी है. क्योंकि अगर मैदान में मे बढीर जीत हो, तो घर की सुरक्षा भी उतनी ही मजबूत होनी चाहिए.