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Ranchi: तबाही के तूफान ‘यास’ ने झारखंड को बूरी तरह से प्रभावित किया है. राज्य के अलग-अलग हिस्सों से तबाही की तस्वीर सामने आई है. कहीं सड़क पर पेड़ गिर गए हैं, कहीं आशियाएने उजड़ गए, तो कहीं किसानों की पूरे साल की मेहनत पर यास ने बर्बादी का जहर छिड़क दिया है. बंगाल की खाड़ी से निकले सुपर साइक्लोन ने बंगाल से लेकर ओडिशा तक में भयंकर तबाही मचाई है. लाखों लोग बेघर हो गए हैं, कई इलाकों में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात हैं.

राजधानी रांची में भारी बारिश और आंधी की वजह से ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के आशियाने उजड़ गए हैं, शहर के अलग-अलग चौक चौराहे पर चेक पोस्ट बनाए गए थे, लेकिन यास तबाही ने इसे बहुत नुकसान पहुंचाया है, यहां पर कभी ट्रैफिक पुलिस के जवान बरसात और धूप से बचने के लिए सहारा लेते थे.

‘यास’ तूफान की वजह से रांची में 48 घंटे से ज्यादा देर तक बारिश हुई, इसकी वजह से रांची में कई डैम का जलस्तर लगभग 3 से साढ़े तीन फीट बढ़ गया है. वहीं मौसम  विभाग के मुताबिक, ‘यास’ का राज्य में असर खत्म हो गया  है लेकिन रांची, बोकारो, खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग, गुमला, कोडरमा और चतरा में बारिश की चेतावनी जारी की गई है. यहां पर अगले 5 दिनों तक बारिश, तेज हवा के साथ वज्रपात होने की संभावना है.

चक्रवाती तूफान ‘यास’ का खूंटी जिले में खास असर देखने को मिला. यहां बारिश की वजह से हिरणी फॉल भी लबालब हो गया है. तूफान से यहां कई पेड़ उखड़ गए. कई घर ढह गए और बिजली के खंबे टूटे हैं, जिले में बिजली आपूर्ती पर भी तूफान से खासा असर डाला है.

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यास तूफान के गोड्डा से गुजर जाने के बाद अब तबाही का मंजर सामने आ रहा है. हालांकि, तेज हवाओं या आंधी तूफान ने तो यहां कोई खास नुकसान नहीं पहुंचाया लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं, जिले के बिहार से सटे पश्चिमी प्रखंडों में पानी ने खूब तबाही मचाई है. ठाकुर गंगटी और मेहरमा प्रखंड में राजमहल की पहाड़ियों से निकलने वाली नदियों ने विकराल रूप धारण कर लिया है, इसकी वजह से कई घर धराशायी हो गए.

हजारीबाग में तूफान ने जमकर तांडव मचाया है. जिले के इचाक प्रखंड के दरिया पंचायत में छोटकी नदी पर बनी दो पुलिया धराशायी हो गई. दोनों पुलिया के क्षतिग्रस्त हो जाने से  8- 10 गांवों के लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है. इस इलाके का जिला मुख्यालय से संपर्क बूरी तरह प्रभावित हुआ है.

यास ने पूरे साहिबगंज में तबाही मचाई है. तूफान के बाद आफत की बारिश ने जलजला ला दिया है. कई इलाकों में घर डूब गए हैं और दर्जनों लोग बेघर हो गए हैं. चक्रवाती तूफान का असर साहिबगंज के सदर अस्पताल में भी देखने को मिला है. अस्पताल के कई वार्ड में पानी घूस चुका है. सफाई कर्मचारी कल से लगातार सफाई अभियान में जुटे हुए हैं.

पाकुड़ में भारी बारिश की वजह से हिरणपुर थाना क्षेत्र के डांगापाड़ा मोड़ पर स्थित तीन दुकानें ढह गई. इससे भारी नुकसान हुआ है. जिले में बारिश के कारण किसानों की हजारों एकड़ में लगी फसल बर्बाद हो गई है. वहीं कई इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है.