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Patna: बिहार में कोरोना के लिये टीकाकरण की रफ्तार बढ़ा दिया गया है. जिस पर सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्री संजय कुमार झा ने कहा कि संक्रमण से लोगों की सुरक्षा के लिए टीकाकरण ही अब तक का सबसे कारगर उपाय माना गया है. बिहार इस समय जहां 18 से 44 वर्ष के युवाओं के टीकाकरण में देश में पहले स्थान पर है, वहीं वैक्सीन की सबसे कम बर्बादी करने वाले राज्यों में शामिल है. 

उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार की ओर से सभी आयुवर्ग को मिलाकर वैक्सीन की कुल एक करोड़ दो लाख से अधिक डोज मुफ्त दी जा चुकी है. यह इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कुशल नेतृत्व में बिहार में फ्री टीकाकरण अभियान न केवल तेजी से, बल्कि अत्यंत सुनियोजित एवं सुचारु रूप से भी चल रहा है. 

उन्होंने आगे कहा कि किसी भी टीकाकरण अभियान के लिए बड़ी संख्या में वैक्सीन के रखरखाव, परिवहन एवं सदुपयोग का सटीक रणनीति के साथ कुशल प्रबंधन करना पड़ता है. इसमें जहां बड़ी धनराशि खर्च होती है, वहीं बड़ी संख्या में कुशल मैन पावर एवं अन्य संसाधन भी लगाना पड़ता है. मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा वैक्सीन के भंडारण, परिवहन एवं सदुपयोग के लिए समय रहते सटीक तैयारियां की गईं.

उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मुफ्त टीकाकरण अभियान पर 4165.5 करोड़ रुपये खर्च करने की स्वीकृति दी गई और इसमें से 1000 करोड़ रुपये तत्काल आवंटित कर दिये गये है. 

टीकाकरण को लेकर उन्होंने कहा कि राज्य में भी फ्री टीकाकरण की शुरुआत 60 वर्ष से अधिक आयुवर्ग से हुई थी. फिर 45 से 59 आयुवर्ग के लोगों को इसमें शामिल किया गया. 18 से 44 वर्ष के युवाओं के लिए राज्य सरकार द्वारा फ्री टीकाकरण की शुरुआत गत 9 मई को हुई और इस मामले में बिहार अब देश में पहले स्थान पर है. राज्य में वैक्सीन की बर्बादी को रोकते हुए इसका अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया गया है.

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सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री ने कहा कि बिहार में कोरोना संक्रमण से स्वस्थ होने की दर भी बढ़ कर लगभग 95 प्रतिशत हो गई है और इस मामले में भी बिहार देश के शीर्ष राज्यों में शामिल है. राज्य में संक्रमण की दर दो प्रतिशत से कम है और इसमें निरंतर कमी आ रही है. 

आगे उन्होंने कहा कि यह राज्य सरकार द्वारा जांच एवं इलाज के लिए तत्परता से किये गये प्रबंधों, स्वास्थ्यकर्मियों की सेवा और लॉकडाउन के दौरान मिले जनसहयोग का सुपरिणाम है, हालांकि खतरा अभी टला नहीं है. राज्य सरकार आगे के लिए भी जरूरी उपाय कर रही है। लोगों को भी सतर्कता बनाये रखना चाहिये.