Switzerland army: स्विट्जरलैंड के सेना प्रमुख ने रूस से बढ़ते खतरों को देखते हुए बड़ा बयान दिया है. थॉमस सुस्ली ने कहा कि स्विट्जरलैंड बड़े पैमाने पर रूसी हमले के आगे खुद का बचाव नहीं कर सकता है, इसके लिए उसे अपना सैन्य खर्च बढ़ाना होगा. हालांकि, सेना प्रमुख ने यह जरूर कहा कि स्विट्जरलैंड साइबर हमलों के लिए तैयार है. लेकिन उनकी सेना के पास वो सभी हथियार और उपकरण नहीं हैं, जिसकी जरुरत बड़े पैमाने पर होने वाले हमले के वक्त जरुरी है. थॉमस सुस्ली का ये बयान उस वक्त आया है जब वो 2025 के अंत में सेना प्रमुख का पद छोड़ने वाले हैं. 

क्या कर रहा स्विस ?
स्विट्जरलैंड के सशस्त्र बलों के प्रमुख ने यह बयान मीडिया से बात करते हुए दिया है. जिसमें उन्होंने देश को आगामी खतरे से आगाह किया है. सुस्ली ने शनिवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि ये सच में बड़ा मानसिक दबाव कि असली इमरजेंसी के वक्त देश की सिर्फ एक तिहाई सेना ही पूरी तरह हथियारों से लैस होगी. हालांकि, स्विट्जरलैंड अपनी रक्षा खर्च, नई हथियार के अलावा ग्राउंड सिस्टम को मजबूत करने के साथ-साथ पुराने फाइटर जेट लोकहीड मार्टिन को एफ 35 के साथ बदल रहा है. लेकिन स्विट्जरलैंड को भविष्य में इस निवेश को बढ़ाना होगा, जिसका आलोचक विरोध कर रहे हैं.   

कितना रक्षा बजट? 
सुस्ली ने इसके लिए यूक्रेन का हवाला भी दिया. उन्होंने कहा कि यूक्रेन में युद्ध और यूरोप को अस्थिर करने की रूसी कोशिश के बावजूद उन्होंने सेना के लिए किसी भी तरह के बदलाव को नहीं स्वीकारा. फिलहाल स्विट्जरलैंड अपने रक्षा बजट को देश के घरेलू सकल उत्पाद के 1 प्रतिशत बराबर तक बढ़ाना चाहता है जो फिलहाल सिर्फ 0.7 प्रतिशत है. ये फिलहाल नाटो की तरफ से मिलने वाली सहमति 5 प्रतिशत से भी काफी दूर है. इस रफ्तार से स्विस मिल्ट्री को पूरी तरह तैयार होने में 2050 तक का समय लग सकता है. जिसको लेकर सुस्ली ने कहा कि वर्तमान खतरे को देखते हुए यह बहुत लंबा समय है. 

Add Zee News as a Preferred Source

यह भी पढ़ें: जेलेंस्की नहीं, मैं लूंगा निर्णय… मीटिंग से पहले ट्रंप ने यूक्रेन के पीस प्लान को बताया जीरो