
भोपाल/रायपुर: कोरोना महामारी ने दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं को झुका कर रख दिया. लॉकडाउन और तमाम अन्य परेशानियों का सामना मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ को झेलना पड़ा. अब सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (Center for Monitoring Indian Economy) ने देश में बेरोजगारी दरों का आंकड़ा पेश किया. छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश दोनों ही राज्यों की बेरोजगारी दर देश के अन्य राज्यों के मुकाबले काफी कम रही.
‘3.5 से 3 पर आया छत्तीसगढ़’
सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनोमी (CMIE) ने 24 मई 2021 को ताजा आंकड़े बताए. इन आंकड़ों के अनुसार नवंबर 2020 के दौरान छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर 3.5 फीसदी था. जो अब घटकर 3 फीसदी रह गया. जबकि देश में बेरोजगारी दर 10.8 फीसदी है, उसके मुकाबले राज्य की स्थिति काफी बेहतर है.
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दूसरे स्थान पर काबिज मध्य प्रदेश
छत्तीसगढ़ ने तो अपनी स्थिति मजबूत की ही है, आंकड़ों को देखते हुए लगता है मध्य प्रदेश में भी इस क्षेत्र में काफी काम हुआ. राज्य में बेरोजगारी दर 1.4 फीसदी है, जो राज्य को देश में दूसरा स्थान दिलाता है.
इन राज्यों से आगे है छत्तीसगढ़
बेरोजगारी दर में मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ से आगे है, लेकिन छत्तीसगढ़ राज्य हरियाणा, गोवा, दिल्ली, झारखंड, राजस्थान, बिहार, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, तेलंगाना, उत्तरप्रदेश, उत्तराखण्ड, पश्चिम बंगाल, केरल, त्रिपुरा राज्यों से आगे है.
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देश में तेजी से बढ़ रही बेरोजगारी
राज्यों की स्थित बेहतर हुई, लेकिन द वायर की एक रिपोर्ट के अनुसार देश में बेरोजगारी की स्थिति हर दिन बिगड़ती ही जा रही है. पिछले हफ्ते शहरों में बेरोजगारी 17.4 फीसदी हो गई, जबकि ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी दर 13.5 फीसदी पर है. पिछले सप्ताह के मुकाबले शहरी क्षेत्र में बेरोजगारी बढ़ी, जबकी गांवों में कम हुई. लेकिन ये आंकड़े किसी भी हाल में उत्साहजनक नहीं है. बताया गया है कि बेरोजगारी को कम करने के प्रयास नहीं हुए तो आने वाले समय में बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
इस तरह मापते है बेरोजगारी दर
भारत जैसे घनी आबादी वाले देश में बेरोजगारी नापना एक बहुत मुश्किल काम है. भारत में CMIE के अलावा भी कई संस्थाएं हैं, जो इस आंकड़े को नापती हैं. ये आंकड़े एक साल, एक महीना, तीन महीने, छः महीने, यहां तक कि प्रति सप्ताह पर भी आधारित होते हैं. CMIE ने फिलहाल 6 महीनों के आंकड़ों को सामने रखा. बेरोजगारी दर नापने के लिए एक फॉर्मूला भी दिया गया है.
बेरोजगारी की दर = बेरोजगार श्रमिक/कुल श्रम शक्ति* 100
ये चार प्रकार है मूल आधार
इस फॉर्मूला में सर्वे के आधार पर संख्या डालने के बाद बेरोजगारी दर निकाली जा सकती है. लेकिन इन आंकड़ों में भी चार अलग-अलग तरह की बेरोजगारी के अलग-अलग आंकडे़ होंगे. ये चार बेरोजगारी प्रकार हैं – सामान्य प्रमुक अवस्था बेरोजगारी (UPS), सामान्य प्रमुक तथा सहायक अवस्था बेरोजगारी (UPPS), वर्तमान साप्ताहित अवस्था बेरोजगारी (CWS), वर्तमान दैनिक अवस्था बेरोजगारी (CDS). इन चार आधारों पर सर्वे होते हैं. इसमें दैनिक वेतनभोगियों को अलग, साप्ताहित को अलग, मासिक को अलग, तिमाही, छमाही और वार्षिक सभी का अलग-अलग आधार पर सर्वे कर बेरोजगारी दर निकाला जाता है. यह एक जटिल प्रक्रिया है, जिसे विशेषज्ञों द्वारा किया जाता है.
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