
रेल मंत्रालय

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन ने कोटा-नागदा खंड पर 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सीआरएस हाई-स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया
16 कोच वाली इस ट्रेन में विश्व स्तरीय लंबी दूरी की यात्रा के लिए आरामदायक बर्थ, आधुनिक शौचालय, स्वचालित दरवाजे, उन्नत सस्पेंशन, सीसीटीवी निगरानी और अग्नि सुरक्षा प्रणाली जैसी कई सुविधाएं मौजूद हैं
प्रविष्टि तिथि: 31 DEC 2025 4:10PM by PIB Delhi
भारतीय रेलवे ने स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का अंतिम उच्च गति परीक्षण रेल सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) की देखरेख में सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह परीक्षण कोटा-नागदा खंड पर किया गया और इस दौरान ट्रेन ने 180 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति प्राप्त की, जो उन्नत और आत्मनिर्भर रेल प्रौद्योगिकी की दिशा में भारत की यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन
परीक्षण के दौरान, व्यापक तकनीकी मूल्यांकन किए गए, जिनमें यात्रा स्थिरता, कंपन व्यवहार, ब्रेकिंग प्रणाली का प्रदर्शन, आपातकालीन ब्रेकिंग प्रणाली, सुरक्षा प्रणाली और अन्य अहम मापदंड शामिल थे। उच्च गति पर ट्रेन का प्रदर्शन पूरी तरह संतोषजनक पाया गया और सीआरएस द्वारा परीक्षण को सफल घोषित किया गया।

रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया पर हाई-स्पीड ट्रायल का एक वीडियो साझा किया, जिसमें कोटा-नागदा खंड पर 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के सफल सीआरएस ट्रायल को दिखाया गया है। वीडियो में पानी से भरे गिलासों की स्थिरता का प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें पानी से भरे ये गिलास तेज रफ्तार होने के बावजूद बिना छलके स्थिर रहे। यह इस नई पीढ़ी की ट्रेन की उन्नत सवारी गुणवत्ता, बेहतर सस्पेंशन और तकनीकी मजबूती को दर्शाता है।
Vande Bharat Sleeper tested today by Commissioner Railway Safety. It ran at 180 kmph between Kota Nagda section. And our own water test demonstrated the technological features of this new generation train. pic.twitter.com/w0tE0Jcp2h
— Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw) December 30, 2025
परीक्षण में इस्तेमाल की गई 16 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, लंबी दूरी की यात्रा में जाने वाले मुसाफिरों को ध्यान में रखकर बनाई गई है और इसमें अत्याधुनिक यात्री सुविधाएं मौजूद हैं। इनमें आरामदायक स्लीपर बर्थ, उन्नत सस्पेंशन सिस्टम, स्वचालित दरवाजे, आधुनिक शौचालय, अग्नि सुरक्षा और निगरानी प्रणाली, सीसीटीवी आधारित निगरानी, डिजिटल यात्री सूचना प्रणाली और ऊर्जा-कुशल तकनीकें शामिल हैं। इन सुविधाओं का मकसद यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और विश्व स्तरीय यात्रा का अनुभव प्रदान करना है।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में मौजूद व्यापक तकनीकी प्रगति और सुरक्षा सुविधाएं नीचे दी गई हैं।
- कवच से सुसज्जित
- दुर्घटना-प्रतिरोधी और झटके-रहित अर्ध-स्थायी कपलर और एंटी-क्लाइम्बर
- प्रत्येक कोच के अंत में अग्निरोधक द्वार
- विद्युत कैबिनेट और शौचालयों में बेहतर अग्नि सुरक्षा के लिए एरोसोल आधारित अग्नि पहचान और शमन प्रणाली
- ऊर्जा दक्षता के लिए रीजेनरेटिव ब्रेकिंग प्रणाली
- स्वदेशी रूप से विकसित यूवी-सी लैंप आधारित कीटाणुशोधन प्रणाली से सुसज्जित एयर कंडीशनिंग इकाइयाँ
- केंद्रीय रूप से नियंत्रित स्वचालित प्लग द्वार और पूरी तरह से सीलबंद चौड़े गलियारे
- सभी कोचों में सीसीटीवी
- आपात स्थिति में यात्री और ट्रेन प्रबंधक/लोको पायलट के बीच संचार के लिए आपातकालीन टॉक-बैक यूनिट
- दिव्यांगजन यात्रियों के लिए प्रत्येक छोर पर ड्राइविंग कोचों में विशेष शौचालय
- एयर कंडीशनिंग, सैलून लाइटिंग आदि जैसी यात्री सुविधाओं की बेहतर स्थिति निगरानी के लिए केंद्रीकृत कोच निगरानी प्रणाली
- ऊपरी बर्थ पर चढ़ने में आसानी के लिए एर्गोनॉमिक रूप से डिज़ाइन की गई सीढ़ी

सीआरएस हाई-स्पीड ट्रायल का सफल समापन एक अहम तकनीकी उपलब्धि है और इसके साथ ही वंदे भारत स्लीपर सेवाओं की शुरुआत के लिए रास्ता साफ हो गया है। यह विकास आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना के तहत नवाचार, सुरक्षा और स्वदेशी रेल निर्माण को बढ़ावा देने के लिए भारतीय रेलवे की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
पीके/केसी/एनएस
(रिलीज़ आईडी: 2210145)
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