Warrior Queen Who Defeated Cyrus The Great: करीब 2500 साल पहले, जब फारस का साम्राज्य अपने चरम पर था और सम्राट साइरस द ग्रेट की सेना का सामना करने की हिम्मत किसी में नहीं थी, तब मध्य एशिया के घास के मैदानों से एक ऐसी चुनौती आई जिसने इतिहास के पन्नों को खून से लाल कर दिया था. यह कहानी है मस्सागेटे कबीले की जांबाज रानी टोमिरिस की, जिनके बेटे को साइरस ने धोखे से मौत के घाट उतार दिया था. लेकिन साइरस को अंदाजा नहीं था कि एक घायल मां का क्रोध किसी भी सेना से ज्यादा घातक हो सकता है. एक छोटे से कबीले ने दुनिया की सबसे बड़ी शक्ति को घुटनों पर ला दिया था. आइए जानते हैं उस भीषण युद्ध और उस भयानक बदले की कहानी, जहां एक सम्राट को अपनी प्यास बुझाने के लिए अपना ही खून पीना पड़ा था.
उस समय सम्राट साइरस द ग्रेट ने अपने राज्य को बहुत दूर तक फैला दिया था. उनकी सेना बहुत बड़ी और शक्तिशाली मानी जाती थी. उसी समय मध्य एशिया के घास के मैदानों में मस्सागेटे नाम की घुमंतू जाति रहती थी. इस जाति की रानी टोमिरिस थीं. वह बहादुर और युद्ध कौशल में निपुण मानी जाती थीं. फारस की ताकत के सामने उनका राज्य बहुत छोटा था. फिर भी उन्होंने फारस से हार मानने से इनकार कर दिया था.
मस्सागेटे के खौफनाक योद्धा
मस्सागेटे लोग घुड़सवारी और युद्ध के लिए मशहूर थे. उनके समाज में महिलाएं भी पुरुषों के साथ युद्ध करती थीं. वे घोड़ों पर बैठकर लड़ती थीं. उनके हथियारों में धनुष, भाला और कुल्हाड़ी शामिल थे. यूनानी इतिहासकार हेरोडोटस ने अपनी किताबों में इनके बारे में लिखा है. उनके मुताबिक ये लोग घोड़े और पैदल दोनों तरह से लड़ते थे. उनका सबसे पसंदीदा हथियार युद्ध कुल्हाड़ी था.
टोमिरिस को भेजा था शादी का प्रस्ताव
रानी टोमिरिस अपने पति की मौत के बाद सिंहासन पर बैठी थीं. उनका एक बेटा भी था, जिसका नाम स्पार्गापिसेस बताया जाता है. दोनों मिलकर अपने राज्य की रक्षा करते थे. इसी दौरान साइरस ने उत्तर की ओर ध्यान दिया. वो मस्सागेटे की जमीन पर कब्जा करना चाहता था. पहले उसने युद्ध के बजाय चालाकी से काम लेने की कोशिश की, उसने रानी टोमिरिस को शादी का प्रस्ताव भेजा. उसका असली मकसद शादी के बहाने राज्य पर अधिकार करना था. लेकिन रानी ने उसकी चाल समझ ली, उन्होंने प्रस्ताव ठुकरा दिया और कहा कि वह अपने राज्य पर ध्यान दे.
साइरस की जबरदस्त प्लानिंग
जब यह योजना नाकाम हुई, तो साइरस ने सेना भेज दी. उसने मस्सागेटे पर हमला करने की तैयारी कर ली. रानी टोमिरिस ने उसे चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि अगर वह तीन दिन में पीछे नहीं हटेगा, तो युद्ध होगा. लेकिन साइरस ने उनकी बात नहीं मानी. तीन दिन बाद युद्ध की तैयारी शुरू हो गई. फारसी सेना ने एक चाल चली. उन्होंने नदी के किनारे अपना शिविर छोड़ने का नाटक किया. वहां उन्होंने बहुत सारा शराब से भरा सामान छोड़ दिया था.
क्या था पूरा प्लान?
मस्सागेटे लोग शराब पीने के आदी नहीं थे. वे आम तौर पर दूध पीते थे. जब उन्होंने खाली पड़ा शिविर देखा, तो उन्हें लगा कि दुश्मन भाग गया है. जीत की खुशी में उन्होंने शराब पी ली. इससे वे नशे में हो गए. तभी फारसी सेना ने अचानक हमला कर दिया. इस हमले में कई मस्सागेटे सैनिक पकड़े गए. इनमें रानी का बेटा भी शामिल था. बंदी बनने के बाद उसने शर्म के कारण खुदकुशी कर ली थी.
टोमिरिस का बदला!
अपने बेटे की मौत की खबर सुनकर रानी टोमिरिस बहुत दुखी और क्रोधित हो गई थी. उन्होंने साइरस को संदेश भेजा. उन्होंने उसे खून का प्यासा बताया. उन्होंने कहा कि उसने धोखे से जीत हासिल की है. उन्होंने कसम खाई कि वह उसे खून से भर देंगी. उन्होंने कहा कि अगर उसने उनके बेटे को वापस नहीं किया, तो वह उसे उसके ही खून में डुबो देंगी. साइरस ने इस चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया.
साइरस का अंत
इसके बाद रानी टोमिरिस ने अपनी सेना तैयार की, उन्होंने फारसी सेना पर सीधा हमला कर दिया. दोनों सेनाओं के बीच भयंकर युद्ध हुआ. इतिहासकारों के अनुसार यह उस समय का सबसे भीषण युद्ध था. दोनों तरफ से भाले और खंजर से लड़ाई हुई. फारसी सेना संख्या में ज्यादा थी. लेकिन मस्सागेटे सैनिकों का जोश और रानी का क्रोध भारी पड़ा. इस युद्ध में साइरस मारा गया.
पात्र में डलवा दिया सिर
युद्ध खत्म होने के बाद रानी टोमिरिस ने अपने सैनिकों को साइरस का शव ढूंढने का आदेश दिया. जब उसका सिर उनके सामने लाया गया, तो उन्होंने उसे काटकर खून से भरे एक पात्र में डलवा दिया. उन्होंने कहा कि अब वह अपनी प्यास बुझा सकता है. इस घटना के बाद रानी टोमिरिस का नाम इतिहास में अमर हो गया. हालांकि उनके आगे के जीवन के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिलती. लेकिन उनकी बहादुरी और बदले की कहानी हजारों साल बाद भी याद की जाती है.
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