
Sheikhpura: कहते हैं कि हौसला और जज्बा हो तो इंसान अपना लक्ष्य जरुर हासिल कर लेता है. शेखपुरा नगर थाने में पदस्थापित दारोगा विनीता ने कुछ ऐसा ही कारनामा किया है. उन्होंने घरेलू कामकाज के साथ-साथ अपनी ड्यूटी को भी निभाया और 64वीं BPSC की परीक्षा में सफलता भी हासिल की. उन्होंने इस परीक्षा में 256वां रैंक हासिल की है.
शुरू से ही थी मेधावी
विनीता बचपन से ही में काफी अच्छी थी लेकिन पिता की मौत के बाद उनके ऊपर घर की जिम्मदारी आ गई थी. कठिन हालात के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी पढ़ाई के साथ-साथ एक लैब में काम करना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने अपने छोटे भाई को पढ़ाया.
अपने कठिन परिश्रम की दम पर उनका चयन दारोगा के पद के लिए हुआ था. इसके बाद भी उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और 64वीं BPSC परीक्षा में सफलता हासिल की.
परिवार में है खुशी का माहौल
विनीता की सफलता पर उनके परिवार में खुशी का माहौल हैं. उनके घर में बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है. वहीं, विनीता ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपनी मां को दिया है. इसके अलावा विनीता के भाइयों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा है कि उनकी दीदी एक रोल मॉडल है. वो उन लड़कियों के लिए एक मिसाल है, जो थोड़ी से परेशानी आने पर हार मान जाती हैं.
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अपनी बेटी की सफलता पर विनीता की मां ने कहा कि पति के मौत के बाद पूरा परिवार टूट गया था. लेकिन इसके बाद भी उन्होंने बच्चों की परवरिश के लिए कोई भी कमी नहीं छोड़ी. विनीता ने भी कभी हालात से समझौता नहीं किया. उसने कड़ी मेहनत से सफलता हासिल करके समाज में एक मिसाल पेश की है.
(इनपुट: अनुज आनंद)
