
पंचायती राज मंत्रालय

सभासार पहल
प्रविष्टि तिथि: 04 FEB 2026 4:05PM by PIB Delhi
पंचायती राज मंत्रालय ने 14 अगस्त 2025 को सभासार नामक एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई)-सक्षम वॉइस-टू-टेक्स्ट बैठक सारांश उपकरण शुरू किया है। सभासार सभी राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के लिए उपलब्ध कराया गया है और ग्राम पंचायतों द्वारा नियमित रूप से आयोजित होने वाली ग्राम सभा और पंचायत बैठकों के लिए प्रगतिशील रूप में अपनाया जा रहा है। दिनांक 29.01.2026 तक की स्थिति के अनुसार, राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में स्वचालित बैठक सारांश के लिए कुल 1,11,486 ग्राम पंचायतों ने सभासार उपकरण का उपयोग किया है। राज्य-वार/संघ राज्य क्षेत्र-वार विवरण अनुलग्नक में दिया गया है।
मंत्रालय, सभासार की कार्यक्षमताओं के बारे में अधिक जागरूकता फैलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसके उपयोग की सरलता के कारण, राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को एक मानक संचालन प्रक्रिया प्रेषित की गई, जिन्होंने इसे आगे पंचायतों तक पहुँचाया। कार्यक्षमता प्रदर्शित करने के लिए राज्य/संघ राज्य क्षेत्र के अधिकारियों के लिए मंत्रालय द्वारा कई बैठकें और वर्चुअल सत्र आयोजित किए गए हैं। पंचायतों के बीच जानकारी का प्रसार करने के लिए राज्य आगे कार्रवाई कर रहे हैं।
सभासार में उपयोग किया जाने वाला एआई मॉडल, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के इंडियाएआई मिशन के तहत इंडियाएआई कम्प्यूट पोर्टल के माध्यम से प्रदान किए गए एआई और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर संचालित होता है। डेटा को सरकारी फ्रेमवर्क में संसाधित किया जाता है और किसी भी बाहरी तृतीय-पक्ष सेवा प्रदाता के साथ साझा नहीं किया जाता है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अंतर्गत इंडियाएआई मिशन, अंतर्निहित एआई अवसंरचना और उससे सृजित डेटा के संचालन के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करता है। डेटा गोपनीयता और भंडारण से संबंधित सभी विषय वर्तमान नियमों के अनुसार विनियमित हैं, अर्थात् डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) नियम, जो भारत के राजपत्र संख्या CG-DL-E-14112025-267650, भाग II—खंड 3—उप-खंड (i), दिनांक 13 नवंबर 2025 के माध्यम से जारी मौजूदा नीतियों के अनुसार विनियमित किया जाता है।
सभा-सार (SabhaSaar) प्लेटफॉर्म ग्राम सभा की कार्यवाहियों के संरचित संकलन एवं विश्लेषण को सक्षम बनाता है तथा ग्राम सभा बैठकों की आवृत्ति/प्रकार एवं सहभागिता जैसे प्रमुख मानकों की निगरानी में सहायता करता है। यह प्रणाली ग्राम सभा बैठकों के प्रकार, तिथि एवं आयोजन से संबंधित विवरणों के अभिलेखीकरण, वॉयस-टू-टेक्स्ट ट्रांसक्रिप्शन के माध्यम से कार्यवृत्त (मिनट्स) के तैयार करने तथा पंचायत पदाधिकारियों द्वारा अभिलेखों के सत्यापन की सुविधा प्रदान करती है। बैठक की उपस्थिति एवं विचार-विमर्श को कार्यवाही के भाग के रूप में दर्ज किया जाता है तथा ग्राम सभा के संकल्पों से उत्पन्न कार्य-बिंदुओं का दस्तावेजीकरण किया जाता है, जिससे अनुवर्ती कार्रवाई एवं अनुपालन की ट्रैकिंग सुनिश्चित की जा सके।
अनुलग्नक
सभासार अपनाने की राज्यवार स्थिति
क्र.सं. | राज्य/ संघ राज्य क्षेत्र का नाम | जीपी और समकक्ष की कुल संख्या | एमओएम सृजित जीपी और समकक्षों की संख्या |
1 | अंडमान और निकोबार आइलैंड्स | 70 | 20 |
2 | आंध्र प्रदेश | 13327 | 9285 |
3 | अरुणाचल प्रदेश | 2108 | 91 |
4 | असम | 2664 | 25 |
5 | बिहार | 8054 | 6357 |
6 | छत्तीसगढ़ | 11688 | 8834 |
7 | गोवा | 191 | 12 |
8 | गुजरात | 14611 | 3401 |
9 | हरियाणा | 6227 | 3058 |
10 | हिमाचल प्रदेश | 3615 | 374 |
11 | जम्मू और कश्मीर | 4291 | 1520 |
12 | झारखंड | 4345 | 3463 |
13 | कर्नाटक | 5949 | 3044 |
14 | केरल | 941 | 522 |
15 | लद्दाख | 193 | 166 |
16 | लक्षद्वीप | 10 | 0 |
17 | मध्य प्रदेश | 23011 | 2721 |
18 | महाराष्ट्र | 27964 | 5869 |
19 | मणिपुर | 3175 | 21 |
20 | मेघालय | 6859 | 0 |
21 | मिजोरम | 855 | 12 |
22 | नागालैंड | 1312 | 15 |
23 | ओडिशा | 6794 | 6720 |
24 | पुद्दुचेरी | 108 | 0 |
25 | पंजाब | 13236 | 1174 |
26 | राजस्थान | 11206 | 2948 |
27 | सिक्किम | 199 | 1 |
28 | तमिलनाडु | 12482 | 12451 |
29 | तेलंगाना | 12849 | 2195 |
30 | दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव | 42 | 40 |
31 | त्रिपुरा | 1194 | 1080 |
32 | उत्तराखंड | 7801 | 4528 |
33 | उत्तर प्रदेश | 57695 | 31477 |
34 | पश्चिम बंगाल | 3339 | 62 |
कुल | 2,68,405 | 1,11,486 |
3 जनवरी 2026 तक का डेटा
*दिल्ली और चंडीगढ़ में सभासार को अपनाया नहीं गया है, क्योंकि इन क्षेत्रों में पंचायतें नहीं हैं।
यह जानकारी केंद्रीय मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने 03 फरवरी को राज्यसभा में लिखित उत्तर में दी।
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