Team India biggest weakness: टी20 विश्व कप 2026 का असली रोमांच अब शुरू होने वाला है. ग्रुप स्टेज के सभी मैच खत्म हो चुके हैं. अब सुपर 8 की बारी है. ये ग्रुप करो या मरो वाला है, क्योंकि अगर टीमों को सेमीफाइनल में जाना है तो 3 में से कम से कम 2 मुकाबले जीतने होंगे. सुपर 8 से पहले तक भले ही भारत ने 4 मैच जीते हैं, लेकिन एक सबसे बड़ी कमजोरी उसकी उजागर हुई है. अगर सूर्या ब्रिगेड ने इसे दूर नहीं किया और कोई समाधान नहीं निकाला तो सबकुछ गड़बड़ हो सकता है. इस कमजोरी के तार बाएं हाथ के बल्लेबाजों से जुड़े हैं, जिनकी टीम इंडिया में संख्या सबसे ज्यादा है. भारतीय टीम में इस वक्त 8 बाएं हाथ के बैटर हैं, जिनका विरोधी टीमें खूब फायदा उठा रही हैं.
टीम इंडिया की सबसे बड़ी कमजोरी ऑफ स्पिन के खिलाफ खराब प्रदर्शन है. टीम के बल्लेबाज ऑफ स्पिनर्स के खिलाफ संघर्ष करते दिखे हैं. भारतीय टीम में शामिल 8 बल्लेबाजों में से कुल 6 बाएं हाथ के हैं, जिसका फायदा उठाते हुए टीमों ने पहले 6 ओवरों में अपने ऑफ स्पिनर्स से गेंदबाजी कराई है और इसका फायदा भी उन्हें मिला है, क्योंकि अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव, शिवम दुबे जैसे धुरंधर ऑफ स्पिनर्स के खिलाफ रनों के लिए जूझते दिखे हैं.
स्पिन के खिलाफ भारत के कमजोर आंकड़े
आप इस बात का अंदाजा ऐसे लगा सकते हैं कि ग्रुप स्टेज के 4 मैचों में टीम इंडिया ने ऑफ स्पिनर्स के खिलाफ कुल 102 गेंदें खेलीं. टीम 6 से ज्यादा ओवर ऑफ स्पिन खेलने वाली 13 टीमों में सबसे कम रन रेट 6.23 रखती है. इस मामले में भारत से भी खराब प्रदर्शन नेपाल और ओमान का है. बाकी 11 टीमों ने टीम इंडिया से कहीं बेहतर ऑफ स्पिन को टैकल किया और ऑफ स्पिन के खिलाफ 8 या उससे ज्यादा के रन रेट से बल्लेबाजी की.
स्पिनर्स के खिलाफ 7.50 की इकॉनमी से रन बनाए
इस एडिशन में टीम इंडिया ने 4 मैचों में स्पिनर्स के खिलाफ कुल 315 रन बनाए हैं. इस दौरान 15 विकेट गंवाए. स्पिन के खिलाफ मेन इन ब्लू का औसत 21 जबकि इकॉनमी 7.50 की रही है. ये आंकड़े बताते हैं कि टीम इंडिया के बैटर्स को विरोधी टीमों के स्पिनर्स ने बांधकर रखा है और नियमित अंतराल से विकेट भी निकाले. आपको ये भी जानकर हैरानी होगी कि भारत का ऑफ स्पिन के खिलाफ औसत भी मात्र 13.25 का रहा है. इसका मतलब ये है कि टीम इंडिया ऑफ स्पिनर्स के खिलाफ 14 रन बनाने में एक विकेट गंवा रही है.
इन ऑफ स्पिनर्स ने किया खूब परेशान
अभिषेक, ईशान किशन, तिलक वर्मा ये तीनों ही भारतीय टीम के लिए टॉप ऑर्डर के पहले तीन बैटर हैं, जिसका विरोधी टीमों के कप्तान जमकर फायदा भी उठा रहे हैं. वो पहले 6 ओवरों में ऑफ स्पिनर्स को ले आते हैं और विकेट चटका देते हैं. पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा ने अभिषेक को आउट किया था. फिर नीदरलैंड्स के आर्यन दत्त ने 4 ओवर में 19 रन देकर 2 विकेट लिए. उन्होंने पहले 6 ओवरों के भीतर ही अभिषेक शर्मा और ईशान किशन को पवेलियन भेज दिया था. इससे पहले कुछ इसी तरह का कमाल नामीबिया के जेरार्ड इरास्मस ने किया था, जिन्होंने भारतीय टॉप ऑर्डर को काफी तंग किया था.
सुपर 8 से पहले खतरे की घंटी
अब सवाल ये है कि सुपर 8 में यह कमजोरी कैसे खतरा बन रही है? इसके पीछे विरोधी टीमों के ऑफ स्पिन बॉलर हैं. टीम इंडिया को सुपर 8 में वेस्टइंडीज, जिम्बाब्वे और साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेलना है. इन तीनों ही टीमों के पास बढ़िया ऑफ स्पिनर हैं, जो भारत की इस कमजोरी को भांप चुके होंगे. अफ्रीकी टीम में ऐडन मार्करम, जिम्बाब्वे में सिकंदर रजा और वेस्टइंडीज के पास रोस्टन चेज ऑफ स्पिन डालते हैं. ये सूर्या ब्रिगेड के लिए एक बार फिर मुश्किल खड़ी कर सकते हैं.
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