
रजनी/रायपुर: देश में इस वक्त कोरोना कहर बरपा रहा है. इसी बीच छत्तीसगढ़ से चौंकाने वाली खबर सामने आई है. पुलिस हेडक्वार्टर ने सड़क हादसों का डेटा जारी किया है. जिसके तहत राज्य में बीते एक साल में कुल 45,76 सड़क हादसे हुए. इस दौरान 2064 लोगों की मौत हो गई. ये हाल तब है जब कोरोना के कारण प्रदेश में लॉकडाउन भी लगाया गया है. अगर हालात सामान्य होते तो ये आंकड़ा और भी ज्यादा हो सकता है.
PHQ से जारी हुए आंकड़े
दुर्घटना में जहां साल 2020 की तुलना में 17.93% की बढ़ोतरी हुई तो वहीं मौतों में 41.17% की वृद्धि हुई है.
जनवरी 2021 से अप्रैल 2021 तक के आंकड़े
4576 सड़क दुर्घटना हुई जिसमें 17.93% वृद्धि आंकी गई.
2064 मृत्यु हुई जिसके अनुसार दुर्घटना के बात मौत के आंकड़े में 41.17% वृद्धि हुई है.
सबसे ज्यादा मौतें रायपुर ज़िले में
सबसे ज़्यादा मौतों के आंकड़ों की बात की जाए तो 54.9% मृत्यु रायपुर, रायगढ़, राजनांदगाँव, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, सूरजपुर, बलौदाबाजार, महासंमुद, कोरबा और जगदलपुर ज़िले में हुई.
सबसे अधिक मृत्यु दुर्घटना दोपहर 3 से रात 9 बजे के बीच 49.78% हुई है.
सर्वाधिक 70.26% मौत मोटर साइकिल चालक या उसपर सवार व्यक्ति की हुई है.
सर्वाधिक 80.23% सड़क दुर्घटनाएं स्पीड और हिट एण्ड रन के कारण हुई है.
मृत्यु के इस खेल में हजारों बेकसूर लोग मारे जाते हैं. वाहनों की बढ़ती संख्या और लापरवाही के कारण आज सड़क पर चलना या वाहन चलाना जोखिम भरा हो गया हैं. यातायात नियमों की अवहेलना करना, नशे में गाड़ी चलाना, कम उम्र के लडकों द्वारा स्टंट करना जैसे कारण ही सड़क हादसों के लिए जिम्मेदार है.
PHQ के जारी आंकड़े वाकई डराने वाले हैं. एक तरफ कोरोना लोगों की जान का दुश्मन बना हुआ है. दूसरी तरफ ये आंकड़े साफ बताते है कि सरकार और प्रशासन ट्रैफिक नियमों को लेकर लोगों को जागरूक कराने में नाकाम साबित हो रही है. आवश्यकता है ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को ट्रैफिक नियमों से अवगत कराने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया जाए और साथ ही सख्त रुख अपनाने हुए नियमों का पालन कराया जाए ताकि सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में कमी लाई जा सके.
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