Iran- US Tension: परमाणु समझौते को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच राजनयिक तनाव चरम पर है. कई रिपोर्ट्स में यहां तक दावा किया जा चुका है कि अमेरिका किसी भी वक्त ईरान पर हमला कर सकता है. इन सब के बीच ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड नौसेना ने रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य अभ्यास शुरू किया. स्थानीय मीडिया की ओर से इस बात की जानकारी सोमवार को दी गई है.  

दरअसल, इस अभ्यास का नाम ‘Smart Control of the Strait of Hormuz’ रखा गया था और बताया जाता है कि इसका नेतृत्व इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) की नौसेना कर रही थी. आईआरजीसी के कमांडर-इन-चीफ मेजर जनरल मोहम्मद पाकपुर इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी भी करते रहे. आइए आपको बताते हैं कि इस अभ्यास का उद्देश्य क्या है?

क्या है इस अभ्यास का उद्देश्य

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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड नौसेना के इस अभ्यास का उद्देश्य परिचालन इकाइयों की तैयारियों का आकलन करना, सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा करना और संभावित सुरक्षा खतरों के लिए सैन्य प्रतिक्रिया के परिदृश्यों का पूर्वाभ्यास करना था. ध्यान देने वाली बात है कि यह बयान ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर अमेरिका इस्लामी राष्ट्र के खिलाफ बल प्रयोग करता है, तो तेहरान अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाएगा. 

ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने हाल में ही अल जजीरा से बात करते हुए बताया कि अगर अमेरिकी हमारे खिलाफ बल प्रयोग करते हैं, तो उन्हें बदले में बल का सामना करना पड़ेगा. इस्लामी गणराज्य पूरी तरह से तैयार है, लेकिन युद्ध नहीं चाहता, और अगर हम पर युद्ध थोपा जाता है, तो हम जवाब देंगे.

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ट्रंप ने दी थी चेतावनी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को ईरान को कड़ी चेतावनी दी थी और कहा कि अगर इस्लामिल गणराज्य अमेरिका के साथ समझौता करने में सफल नहीं होता है, तो तेहरान के लिए इसके परिणाम भयावह होंगे. व्हाइट हाउस में अपने संबोधन में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि रान के साथ हमें समझौता करना ही होगा, अन्यथा इसके बेहद भयावह परिणाम होंगे.” उन्होंने आगे कहा, “उन्हें पहली बार में ही समझौता कर लेना चाहिए था, लेकिन इसके बदले उन्हें ‘मिडनाइट हैमर’ मिला.

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