
दीपेश शाह/विदिशाः विदिशा जिले के में हिंदू मुस्लिम एकता की एक बड़ी मिसाल देखने को मिली है. जहां एक हिंदू लड़की की मुस्लिम युवाओं ने पूरे हिंदू रीति-रिवाज से शादी कराई और खुशी-खुशी उसे ससुराल विदा किया. यह शादी पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है.
मुस्लिम युवाओं ने कराई हिंदू लड़की की शादी
दरअसल, विदिशा के डंडा पुरा में आरिफ खान के घर में किराए से रहने वाली रामसखी प्रजापति की बेटी पल्लवी का विवाह खुरई के पास अभिषेक प्रजापति नामक व्यक्ति से गांव में तय हुआ था. लेकिन गरीबी के कारण शादी का इंतजाम नहीं हो पा रहा था. ऐसे में आरिफ ने रामसखी की जिम्मेदारी उठाने का तय किया इस काम में उनके साथ सोहेल अहमद ने भी उनका साथ दिया. आरिफ और सोहेल ने कहा कि हम भाई की तरह रामसखी की शादी की जिम्मेदारी उठाएंगे. उनके इस प्रस्ताव पर साथियों ने तत्काल हां कर दी और पूरी टीम तैयारियों में जुट गई.
आरिफ के घर में ही हुई शादी
बस फिर क्या था रामसखी की शादी आरिफ के घर से ही हुई. शादी पूरे हिंदू रीति रिवाज के अनुसार हुई. सभी रस्में निभाई गईं खास बात यह था कि रस्मों को निभाने मुस्लिम परिवार की महिलाओं ने पूरा सहयोग किया. जिन मुस्लिम घरों में रामसखी काम करती थी उन घरों का भी सहयोग मिला. बारात के स्वागत और भोजन की व्यवस्था भी मुस्लिम युवाओं ने संभाल रखी थी. सभी ने वर वधु को आशीर्वाद दिए और शादी कर रामसखी को खुशी खुशी विदा भी किया. जिसने भी यह दृश्य देखा तो सबको खुशी भी हुई.
भावुक हो गई रामसखी
दूसरे लोगों द्वारा खुद की शादी कराई जाने पर रामसखी भी भावुक हो गई. यह सब देखकर रामसखी और उसके परिवार वाले भावुक हो गए. उसने कहा कि अपना कोई सगा भी इतना नहीं कर पाता जितने आरिफ भाई और उनके साथियों ने किया है. रामसखी ने कहा कि उसे इस बात की कमी महसूस नहीं हुई कि उसकी मां के पास पैसों और अपनों की कोई कमी है. क्योंकि आरिफ भाई के परिवार ने उन्हें इस बात का एहसास नहीं होने दिया.
दरअसल, रामसखी की मम्मी बहुत गरीब है. वह आरिफ सहित दूसरे लोगों के घरों में झाड़ू पोछा कर गुजर बसर कर रही थी. रामसखी की आंखों में उस समय खुशी के आंसू थे.. जब उसके मकान मालिक आरिफ खान ने उसकी बेटी रामसखी की शादी के लिए अपने साथियों के साथ पूरी जिम्मेदारी उठाने का वचन पूरा किया.
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