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बुनियादी ढांचे के बड़े पैमाने पर विस्तार से उभरते इंजीनियरों के लिए नए अवसर खुले हैं

प्रविष्टि तिथि: 07 JUL 2026 5:37PM by PIB Delhi

भारत के बुनियादी ढांचा आधारित विकास से प्रेरित होकर इंजीनियरिंग के प्रति युवा विद्यार्थियों का आकर्षण एक बार फिर बढ़ा है। बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के विस्तार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के अवसर निरंतर बढ़ने के कारण विशेष रूप से आईआईटी और एनआईटी के विद्यार्थियों के बीच सिविल इंजीनियरिंग करियर के एक पसंदीदा विकल्प के रूप में उभर रही है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इंजीनियरिंग शिक्षा को राष्ट्रीय राजमार्ग क्षेत्र में सार्थक व्यावसायिक अवसरों से जोड़ने के लिए एक सुव्यवस्थित व्यवस्था विकसित कर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। एनएचएआई तकनीकी पदों के लिए ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (गेट) के माध्यम से हर वर्ष लगभग 100 इंजीनियरिंग पेशेवरों की भर्ती करता है। आईआईटी, एनआईटी तथा अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों से स्नातक उप प्रबंधक के रुप में नियुक्ति के लिए क्वालीफाई करते हैं। यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि देश के प्रतिभाशाली इंजीनियरिंग स्नातकों में राष्ट्रीय राजमार्ग बुनियादी ढांचे को विकसित करने के क्षेत्र में करियर बनाने की रुचि लगातार बढ़ रही है।

उद्योग एवं शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एनएचएआई ने दिसम्बर 2025 में सिविल इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों के लिए एक माह की शीतकालीन इंटर्नशिप के साथ अपने संरचित इंटर्नशिप कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की। इसके बाद छह माह की टर्म इंटर्नशिप भी प्रारंभ की गई। प्रति माह 20,000 रुपये के प्रतिस्पर्धी वजीफे के साथ यह कार्यक्रम देश में इंजीनियरिंग के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए अनुभव के माध्यम से तेजी से सीखने की प्रक्रिया के सबसे आकर्षक अवसरों में से एक बन गया है।

इस सफलता को आगे बढ़ाते हुए एनएचएआई ने समर इंटर्नशिप कार्यक्रम–2026 का उल्लेखनीय विस्तार किया। इसके अंतर्गत विभिन्न इंजीनियरिंग एवं अन्य विषयों से जुड़े 423 छात्र-इंटर्न एनएचएआई के 125 क्षेत्रीय कार्यालयों तथा मुख्यालय के 51 कार्यात्मक प्रभागों में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें आईआईटी के 59 तथा एनआईटी के 282 विद्यार्थी शामिल थे। यह भारत के राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम से जुड़े करियर विकल्पों के प्रति युवा इंजीनियरों के बढ़ते विश्वास और रुचि को दर्शाता है।

इन पहलों के पूरक के रूप में एनएचएआई ने सिविल इंजीनियरों के लिए पेशेवर कार्य-परिस्थितियों को सुदृढ़ बनाने हेतु अनेक सुधारात्मक कदम भी उठाए हैं। इनमें इंजीनियरिंग सेवाओं के लिए उचित एवं पेशेवर पारिश्रमिक सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निश्चित लागत आधारित विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन प्रणाली की शुरुआत शामिल है। इसके साथ ही, प्रतिस्पर्धी पारिश्रमिक व्यवस्था के माध्यम से उत्कृष्ट इंजीनियरिंग विशेषज्ञों को डीपीआर तथा परियोजना पर्यवेक्षण सलाहकारों के रूप में आकर्षित करने के लिए भी विभिन्न उपाय किए गए हैं।

संरचित प्रशिक्षण और योग्यता-आधारित भर्ती के जरिये एक मजबूत इकोसिस्टम को बढ़ावा देकर एनएचएआई देश में न केवल कुशल इंजीनियरिंग विशेषज्ञों की बढ़ती मांग को पूरा कर रहा है, बल्कि सिविल इंजीनियरों की नई पीढ़ी को भी विश्व स्तर के राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क बनाने में योगदान देने के लिए प्रेरित भी कर रहा है।

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पीके/केसी/केपी/ डीके

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