
ग्रामीण विकास मंत्रालय

पीएमजीएसवाई के कार्यान्वयन की स्थिति
प्रविष्टि तिथि: 24 JUL 2026 5:45PM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के वर्तमान में चल रहे विभिन्न वर्टिकल्स के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025–26 के दौरान देशभर में कुल 2,905 सड़कों (15,647.78 किलोमीटर) तथा 1,042 पुलों का निर्माण पूरा किया गया। इसके अतिरिक्त, 93 पात्र बसावटों को बारहमासी सड़क संपर्क उपलब्ध कराया गया।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-I (पीएमजीएसवाई-I) को ग्रामीण आबादी की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के उद्देश्य से कोर नेटवर्क में स्थित पात्र, सड़क संपर्क-विहीन बसावटों को एकल बारहमासी सड़क के माध्यम से ग्रामीण संपर्क उपलब्ध कराने के लिए एक बार के विशेष हस्तक्षेप के रूप में शुरू किया गया था। इस योजना के अंतर्गत 1,62,876 बसावटों को सड़क संपर्क प्रदान किया गया। यह योजना 31.03.2025 को समाप्त कर दी गई और इसके बाद कोई नया अनुमोदन जारी नहीं किया गया। हालांकि, शेष कार्यों को पूरा करने और भुगतान करने के लिए समय-सीमा 31.03.2027 तक बढ़ाई गई है। इसके उपरांत, पीएमजीएसवाई के दायरे में नए हस्तक्षेप/वर्टिकल्स के रूप में पीएमजीएसवाई-II, जिसके अंतर्गत 50,000 किलोमीटर मौजूदा ग्रामीण सड़कों का उन्नयन किया जाना है, तथा पीएमजीएसवाई-III, जिसके अंतर्गत ग्राम कृषि बाजारों (ग्रैम्स), उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों और अस्पतालों आदि से बसावटों को जोड़ने वाले 1,25,000 किलोमीटर थ्रू रूट्स और प्रमुख ग्रामीण संपर्क मार्गों का सुदृढ़ीकरण किया जाना है, शामिल किए गए। पीएमजीएसवाई-II और पीएमजीएसवाई-III का उद्देश्य बसावटों तथा सरकारी संस्थानों को बारहमासी सड़क संपर्क उपलब्ध कराना है। सितंबर 2024 से पीएमजीएसवाई-IV शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य वर्ष 2029 तक 25,000 सड़क संपर्क-विहीन बसावटों को सड़क संपर्क प्रदान करना है।
राज्य/केंद्र शासित प्रदेश वार विवरण कार्यक्रम के होम पेज पर देखा जा सकता है। वेबसाइट https://pmgsy.dord.gov.in >habitations coverage.
(ख) एवं (ग): वित्तीय वर्ष 2026–27 के दौरान पीएमजीएसवाई की कार्यान्वयन योजना का मुख्य फोकस प्रचलित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने, ग्रामीण सड़कों के उन्नयन तथा पहले से निर्मित सड़कों के रखरखाव को सुदृढ़ बनाने पर है। कार्यान्वयन योजना के प्रमुख घटक निम्नलिखित हैं:
(i) पीएमजीएसवाई के विभिन्न वर्टिकल्स (पीएमजीएसवाई-II को छोड़कर, जिसे 31.03.2026 से बंद कर दिया गया है) के अंतर्गत स्वीकृत चालू कार्यों को शीघ्रता से पूरा करना।
(ii) स्वीकृत कार्ययोजना एवं योजना दिशानिर्देशों के अनुसार, सड़क संपर्क-विहीन बसावटों को बारहमासी सड़क संपर्क उपलब्ध कराने के लिए पीएमजीएसवाई-IV के अंतर्गत ग्रामीण सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान करना।
(iii) कार्यक्रम के दिशानिर्देशों के अनुसार संबंधित राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा पीएमजीएसवाई के अंतर्गत निर्मित सड़कों का रखरखाव करना।
(iv) ग्रामीण सड़कों के इलेक्ट्रॉनिक अनुरक्षण (ई-मार्ग) मंच के माध्यम से अनुरक्षण कार्यों की योजना, निरीक्षण, प्रदर्शन-आधारित भुगतान तथा निगरानी के लिए डिजिटल अनुरक्षण प्रबंधन को सुदृढ़ बनाना।
(v) कार्यक्रम कार्यान्वयन इकाइयों (पीआईयू), राज्य गुणवत्ता पर्यवेक्षकों (एसक्यूएम) तथा राष्ट्रीय गुणवत्ता पर्यवेक्षकों (एनक्यूएम) से युक्त त्रि-स्तरीय गुणवत्ता निगरानी तंत्र तथा जियो-टैग आधारित निरीक्षणों के माध्यम से गुणवत्ता आश्वासन सुनिश्चित करना।
(vi) समयबद्ध कार्यान्वयन, गुणवत्तापूर्ण निर्माण तथा ग्रामीण सड़क परिसंपत्तियों का सतत् अनुरक्षण सुनिश्चित करने के लिए समीक्षा बैठकों, क्षेत्रीय समीक्षा बैठकों (आरआरएम), क्षेत्रीय निरीक्षणों तथा परामर्शों के माध्यम से नियमित निगरानी एवं क्षमता विकास।
इन उपायों का उद्देश्य वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए निर्धारित वार्षिक भौतिक लक्ष्यों को प्राप्त करना, साथ ही टिकाऊ एवं उच्च गुणवत्ता वाली ग्रामीण सड़क अवसंरचना तथा देशभर में बेहतर संपर्क सुनिश्चित करना है। तदनुसार, वित्तीय वर्ष 2026–27 के दौरान पीएमजीएसवाई के विभिन्न वर्टिकल्स, जिनमें पीएमजीएसवाई-I, पीएमजीएसवाई-III, वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के लिए सड़क संपर्क परियोजना (आरसीपीएलडब्ल्यूईए), पीएम-जनमन तथा पीएमजीएसवाई-IV (अनुलग्नक-I में विवरण) शामिल हैं, के अंतर्गत 26,474 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों, 1,375 पुलों के निर्माण तथा 2,400 पात्र बसावटों को सड़क संपर्क उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
पीएमजीएसवाई के अंतर्गत, योजना के दिशानिर्देशों और स्वीकृत कार्य-योजना के अनुसार आकांक्षी जिलों, जनजातीय क्षेत्रों, वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) प्रभावित क्षेत्रों तथा अन्य दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में ग्रामीण सड़क संपर्क में सुधार को विशेष प्राथमिकता दी जाती है। तदनुसार, ऐसे क्षेत्रों में सड़क संपर्क को प्राथमिकता देने के लिए सरकार ने निम्नलिखित तंत्र अपनाए हैं:
(i) पीएमजीएसवाई के संबंधित वर्टिकल्स के अंतर्गत प्रस्ताव तैयार करते समय योजना के तहत पात्र आकांक्षी जिलों, जनजातीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित सड़क संपर्क-विहीन बसावटों को समग्र नई संपर्क प्राथमिकता सूची (सीएनसीपीएल) के माध्यम से ऐसी परियोजनाओं की पहचान कर प्राथमिकता दी जाती है। परियोजनाओं की स्वीकृति और कार्यान्वयन सीएनसीपीएल सूची के अनुसार किया जाता है।
(ii) वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) प्रभावित जिलों में सड़क संपर्क में सुधार के लिए वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों हेतु सड़क संपर्क परियोजना (आरसीपीएलडब्ल्यूईए) जैसी समर्पित पहलें।
(iii) इन क्षेत्रों में जनसंख्या मानदंडों में भी छूट प्रदान की गई है। इसके तहत 2011 की जनगणना के अनुसार पात्र बन चुकी उत्तर-पूर्वी राज्यों, पर्वतीय राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों तथा विशेष श्रेणी के क्षेत्रों की 250 या उससे अधिक आबादी वाली बसावटों तथा वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) प्रभावित जिलों की 100 या उससे अधिक आबादी वाली बसावटों को पात्रता प्रदान की गई है।
(iv) पीएम-जनमन, जिसके अंतर्गत आवश्यक सेवाओं तथा सामाजिक-आर्थिक अवसरों तक पहुंच में सुधार के लिए 100 या उससे अधिक आबादी वाले पात्र, विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) की बसावटों को सड़क संपर्क उपलब्ध कराया जा रहा है।
इन उपायों का उद्देश्य संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना तथा वंचित ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, बाजारों और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच में सुधार करना है।
पीएमजीएसवाई के अंतर्गत निधि साझेदारी का अनुपात, 8 उत्तर-पूर्वी राज्यों और 2 पर्वतीय राज्यों तथा 1 केंद्र शासित प्रदेश (हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर) को छोड़कर, सभी राज्यों तथा विधानमंडल वाले केंद्र शासित प्रदेशों के लिए केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 है। 8 उत्तर-पूर्वी राज्यों (सिक्किम सहित) तथा 2 पर्वतीय राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश (हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर) के लिए केंद्र और राज्यों के बीच निधि साझेदारी का अनुपात 90:10 तथा बिना विधानमंडल वाले केंद्र शासित प्रदेशों (अंडमान एवं निकोबार तथा लद्दाख) के लिए 100 प्रतिशत केंद्रीय अंश है। निधि का निर्गम उपलब्ध कार्यों, परियोजना की प्रगति तथा आवश्यक दस्तावेजों के विधिवत प्रस्तुत किए जाने के आधार पर किया जाता है। पीएमजीएसवाई के अंतर्गत निधियों का निर्गम एसएनए स्पर्श प्रणाली के माध्यम से किया जाता है। वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए बजटीय आवंटन और स्वीकृति का विवरण अनुलग्नक-II में दिया गया है।
यह जानकारी ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
अनुलग्नक-I
24.07.2026 को उत्तर दिए जाने हेतु राज्यसभा अतारांकित प्रश्न संख्या 773 के भाग (ख) एवं (ग) के उत्तर में उल्लिखित अनुलग्नक
वर्तमान वित्तीय वर्ष के दौरान पीएमजीएसवाई के अंतर्गत विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए सड़कों की लंबाई (किलोमीटर में) का लक्ष्य
क्रम संख्या | राज्य | सड़क की लंबाई (किलोमीटर में) | एलएसबी की संख्या | बसावटों की संख्या | |
1 |
| 96 | 0 | 0 | |
2 |
| 976 | 72 | 10 | |
3 |
| 1966 | 75 | 22 | |
4 | 1008 | 45 | 81 | ||
5 |
| 647 | 264 | 107 | |
6 |
| 3786 | 37 | 659 | |
7 |
| 62 | 2 | 0 | |
8 |
| 126 | 162 | 0 | |
9 |
| 0 | 0 | 0 | |
10 |
| 859 | 32 | 24 | |
11 |
| 1084 | 44 | 227 | |
12 |
| 1438 | 108 | 0 | |
13 |
| 97 | 4 | 0 | |
14 |
| 434 | 11 | 1 | |
15 |
| 209 | 0 | 1 | |
16 |
| 1533 | 90 | 151 | |
17 |
| 951 | 97 | 3 | |
18 |
| 1238 | 46 | 30 | |
19 |
| 709 | 54 | 5 | |
20 |
| 476 | 7 | 0 | |
21 |
| 545 | 0 | 2 | |
22 |
| 226 | 27 | 8 | |
23 |
| 280 | 2 | 0 | |
24 |
| 2630 | 3 | 1000 | |
25 |
| 218 | 29 | 8 | |
26 |
| 151 | 11 | 0 | |
27 |
| 1193 | 99 | 1 | |
28 |
| 643 | 10 | 25 | |
29 |
| 482 | 0 | 1 | |
30 |
| 566 | 38 | 34 | |
31 |
| 1845 | 6 | 0 | |
योग | 26474 | 1375 | 2400 | ||
अनुलग्नक-II
24.07.2026 को उत्तर दिए जाने हेतु राज्यसभा अतारांकित प्रश्न संख्या 773 के भाग (ङ) के उत्तर में उल्लिखित अनुलग्नक
वर्तमान वित्तीय वर्ष के दौरान पीएमजीएसवाई के अंतर्गत विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को जारी की गई कुल केंद्रीय निधि
(रुपये करोड़ में)
क्रम संख्या | राज्य |
| मूल स्वीकृति | जारी राशि | |
1 |
| 30.00 | 0.00 | 7.33 | |
2 |
| 480.00 | 204.00 | 46.87 | |
3 |
| 1150.00 | 575.00 | 39.63 | |
4 | 1050.00 | 525.00 | 66.15 | ||
5 |
| 760.00 | 379.00 | 101.20 | |
6 |
| 1870.00 | 935.00 | 135.14 | |
7 |
| 50.00 | 25.00 | 0.00 | |
8 |
| 303.00 | 157.63 | 17.45 | |
9 |
| 38.55 | 2.50 | 0.04 | |
10 |
| 900.00 | 450.00 | 210.81 | |
11 |
| 980.00 | 490.00 | 167.85 | |
12 |
| 820.00 | 410.00 | 33.50 | |
13 |
| 50.00 | 25.00 | 1.87 | |
14 |
| 300.00 | 150.00 | 30.87 | |
15 |
| 70.00 | 0.00 | 17.11 | |
16 |
| 830.00 | 415.00 | 84.63 | |
17 |
| 690.00 | 354.16 | 73.34 | |
18 |
| 1240.00 | 572.34 | 3.23 | |
19 |
| 780.00 | 390.00 | 99.26 | |
20 |
| 450.00 | 225.00 | 87.78 | |
21 |
| 500.00 | 250.00 | 0.00 | |
22 |
| 156.93 | 78.47 | 33.40 | |
23 |
| 20.00 | 10.00 | 8.29 | |
24 |
| 180.00 | 90.00 | 0.00 | |
25 |
| 735.00 | 832.50 | 14.09 | |
26 |
| 230.00 | 115.00 | 14.12 | |
27 |
| 105.00 | 52.50 | 31.02 | |
28 |
| 675.00 | 337.50 | 19.78 | |
29 |
| 382.00 | 191.00 | 21.93 | |
30 |
| 615.00 | 307.50 | 16.42 | |
31 |
| 420.00 | 210.00 | 18.28 | |
32 |
| 1150.00 | 575.00 | 93.24 | |
योग | 18010.48 | 9334.10 | 1494.62 | ||
*****
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