
जल शक्ति मंत्रालय

जल जीवन मिशन का विस्तार तथा ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं का हस्तांतरण
16.71 प्रतिशत से 82.09 प्रतिशत तक: जल जीवन मिशन से ग्रामीण क्षेत्रों में नल जल कवरेज में वृद्धिजल जीवन मिशन के अंतर्गत 15.89 करोड़ ग्रामीण परिवारों को कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध
प्रविष्टि तिथि: 27 JUL 2026 6:09PM by PIB Delhi
देश के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को नल कनेक्शन के माध्यम से नियमित एवं दीर्घकालिक आधार पर निर्धारित गुणवत्ता (बीआईएस: 10500) का पर्याप्त मात्रा (प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 55 लीटर) में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारत सरकार, राज्यों के साथ साझेदारी में, अगस्त 2019 से जल जीवन मिशन (जेजेएम) – हर घर जल का कार्यान्वयन कर रही है।
‘जल अर्पण’ का आयोजन समुदाय के नेतृत्व वाले जन कार्यक्रम के रूप में किया जा रहा है, जिसमें जनप्रतिनिधियों, ग्राम सभाओं तथा स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी होती है। इसका उद्देश्य जलापूर्ति योजनाओं के सफलतापूर्वक चालू होने का उत्सव मनाना तथा ग्रामीण जल अवसंरचना की दीर्घकालिक स्थिरता को बढ़ावा देना है। जल जीवन मिशन (जेजेएम) के अंतर्गत सतत एवं निरंतर सेवा प्रदाय को बढ़ावा देने के लिए जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने हेतु ‘समुदाय-प्रबंधित पाइप आधारित जलापूर्ति प्रणालियों पर मार्गदर्शिका’ का शुभारंभ ‘जल अर्पण’ पहल के अंतर्गत किया गया है। इस मार्गदर्शिका में जलापूर्ति योजनाओं के सुचारु हस्तांतरण तथा उनके सतत संचालन को सुनिश्चित करने के लिए ग्राम पंचायतों (जीपी), ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों (वीडब्ल्यूएससी) तथा पानी समिति के सदस्यों की भागीदारी के साथ 15-दिवसीय परीक्षण अवधि का प्रावधान किया गया है।

देश में जल जीवन मिशन (जेजेएम) के शुभारंभ के बाद से ग्रामीण परिवारों तक नल जल की पहुंच बढ़ाने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। जल जीवन मिशन की घोषणा के समय 3.23 करोड़ (16.71 प्रतिशत) ग्रामीण परिवारों के पास नल जल कनेक्शन होने की सूचना थी। राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों से 18.07.2026 तक प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक लगभग 12.66 करोड़ अतिरिक्त ग्रामीण परिवारों को नल जल कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है। इस प्रकार, 18.07.2026 की स्थिति के अनुसार, देश के 19.36 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से लगभग 15.89 करोड़ (82.09 प्रतिशत) परिवारों के घरों में नल जलापूर्ति उपलब्ध होने की सूचना है। इसका राज्य/केंद्रशासित प्रदेशवार विवरण संलग्नक में दिया गया है।
‘पेयजल’ राज्य का विषय है। इसलिए जल जीवन मिशन (जेजेएम) के अंतर्गत संचालित योजनाओं सहित पेयजलापूर्ति योजनाओं की योजना तैयार करने, अनुमोदन, कार्यान्वयन, संचालन एवं अनुरक्षण (ओ एंड एम) की जिम्मेदारी संबंधित राज्य/केंद्रशासित प्रदेश सरकारों की है। भारत सरकार राज्यों को तकनीकी एवं वित्तीय सहायता प्रदान करती है। सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को व्यापक संचालन एवं अनुरक्षण (ओ एंड एम) नीति अधिसूचित करने की सलाह दी गई है, जिसमें योजनाओं को ग्राम पंचायतों (जीपी)/ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों (वीडब्ल्यूएससी) को हस्तांतरित करने, उन्हें उपयोगकर्ता शुल्क निर्धारित करने के लिए सशक्त बनाने, उपयोगकर्ता शुल्क के संग्रहण के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को शामिल करने, संचालन एवं अनुरक्षण का कार्य करने तथा संचालन एवं अनुरक्षण के लिए पर्याप्त वित्तीय प्रावधान सुनिश्चित करने के प्रावधान शामिल हैं। ग्राम पंचायत स्तर पर उपयोगकर्ता शुल्क के संग्रहण का विवरण भारत सरकार के स्तर पर नहीं रखा जाता है।
मार्च 2026 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत ग्रामीण पेयजलापूर्ति क्षेत्र में संरचनात्मक सुधारों पर केंद्रित बढ़े हुए परिव्यय तथा पुनर्गठित कार्यान्वयन के साथ जल जीवन मिशन की अवधि दिसंबर 2028 तक बढ़ाने को मंजूरी दी।
मिशन का कुल वित्तीय परिव्यय 3.60 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 8.69 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही केंद्र का अंश 2.08 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 3.59 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है, अर्थात 1.51 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त केंद्रीय परिव्यय उपलब्ध कराया गया है। जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत प्रभावी योजना निर्माण एवं क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक राज्य/केंद्रशासित प्रदेश समग्र कार्यान्वयन एवं सुधार योजना (सीआईआरपी) तैयार करेगा। सीआईआरपी मिशन की योजना निर्माण, प्राथमिकता निर्धारण, योजनाओं एवं सुधारों के कार्यान्वयन, निधियों के आवंटन तथा निगरानी के लिए प्रमुख मार्गदर्शी रूपरेखा के रूप में कार्य करेगी।
यह जानकारी जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
पीके/केसी/एके/एसएस
संलग्नक
जल जीवन मिशन के अंतर्गत हुई प्रगति का राज्य/केंद्रशासित प्रदेशवार विवरण
(18.07.2026 की स्थिति के अनुसार)
(संख्या: लाख में)
क्र. सं. | राज्य/केंद्रशासित प्रदेश | ग्रामीण परिवारों की कुल संख्या | 15.08.2019 की स्थिति के अनुसार नल जल कनेक्शन वाले ग्रामीण परिवार | अगस्त, 2019 से नल जलापूर्ति उपलब्ध कराए गए ग्रामीण परिवार | वर्तमान स्थिति के अनुसार नल जलापूर्ति वाले ग्रामीण परिवार | |||||||
संख्या | प्रतिशत में | संख्या | प्रतिशत में | संख्या | प्रतिशत में | |||||||
1. | अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह | 0.62 | 0.29 | 46.02 | 0.33 | 53.98 | 0.62 | 100.00 | ||||
2. | अरुणाचल प्रदेश | 2.29 | 0.23 | 9.97 | 2.06 | 90.03 | 2.29 | 100.00 | ||||
3. | दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव | 0.85 | – | – | 0.85 | 100.00 | 0.85 | 100.00 | ||||
4. | गोवा | 2.64 | 1.99 | 75.44 | 0.65 | 24.56 | 2.64 | 100.00 | ||||
5. | हरियाणा | 30.41 | 17.66 | 58.08 | 12.75 | 41.92 | 30.41 | 100.00 | ||||
6. | हिमाचल प्रदेश | 17.09 | 7.63 | 44.64 | 9.46 | 55.36 | 17.09 | 100.00 | ||||
7. | मिजोरम | 1.33 | 0.09 | 6.91 | 1.24 | 93.09 | 1.33 | 100.00 | ||||
8. | पुडुचेरी | 1.15 | 0.94 | 81.33 | 0.21 | 18.67 | 1.15 | 100.00 | ||||
9. | पंजाब | 34.27 | 16.79 | 48.98 | 17.48 | 51.02 | 34.27 | 100.00 | ||||
10. | तेलंगाना | 53.98 | 15.68 | 29.05 | 38.30 | 70.95 | 53.98 | 100.00 | ||||
11. | गुजरात | 91.19 | 65.16 | 71.46 | 26.02 | 28.54 | 91.18 | 99.99 | ||||
12. | लद्दाख | 0.41 | 0.01 | 3.49 | 0.38 | 94.71 | 0.40 | 98.19 | ||||
13. | उत्तराखंड | 14.48 | 1.30 | 9.00 | 12.90 | 89.06 | 14.20 | 98.06 | ||||
14. | बिहार | 167.55 | 3.16 | 1.89 | 157.20 | 93.82 | 160.36 | 95.71 | ||||
15. | नागालैंड | 3.64 | 0.14 | 3.82 | 3.34 | 91.88 | 3.48 | 95.69 | ||||
16. | सिक्किम | 1.33 | 0.70 | 52.97 | 0.52 | 39.12 | 1.22 | 92.09 | ||||
17. | उत्तर प्रदेश | 267.20 | 5.16 | 1.93 | 239.99 | 89.82 | 245.15 | 91.75 | ||||
18. | लक्षद्वीप | 0.13 | – | – | 0.12 | 91.45 | 0.12 | 91.45 | ||||
19. | महाराष्ट्र | 146.77 | 48.44 | 33.00 | 84.48 | 57.56 | 132.92 | 90.56 | ||||
20. | तमिलनाडु | 125.26 | 21.76 | 17.37 | 90.88 | 72.56 | 112.64 | 89.93 | ||||
21. | कर्नाटक | 101.24 | 24.51 | 24.21 | 64.96 | 64.16 | 89.47 | 88.37 | ||||
22. | त्रिपुरा | 7.51 | 0.25 | 3.26 | 6.24 | 83.16 | 6.49 | 86.42 | ||||
23. | मेघालय | 6.51 | 0.05 | 0.70 | 5.43 | 83.36 | 5.47 | 84.06 | ||||
24. | छत्तीसगढ़ | 49.95 | 3.20 | 6.40 | 38.56 | 77.20 | 41.76 | 83.60 | ||||
25. | असम | 72.24 | 1.11 | 1.54 | 57.99 | 80.27 | 59.11 | 81.82 | ||||
26. | जम्मू और कश्मीर | 19.25 | 5.75 | 29.90 | 9.89 | 51.37 | 15.64 | 81.26 | ||||
27. | मणिपुर | 4.52 | 0.26 | 5.74 | 3.34 | 73.89 | 3.60 | 79.63 | ||||
28. | ओडिशा | 88.63 | 3.11 | 3.51 | 65.56 | 73.97 | 68.66 | 77.47 | ||||
29. | आंध्र प्रदेश | 95.53 | 30.74 | 32.18 | 41.37 | 43.30 | 72.11 | 75.48 | ||||
30. | मध्य प्रदेश | 111.13 | 13.53 | 12.18 | 69.74 | 62.75 | 83.27 | 74.93 | ||||
31. | राजस्थान | 107.66 | 11.74 | 10.91 | 51.89 | 48.20 | 63.63 | 59.10 | ||||
32. | पश्चिम बंगाल | 175.51 | 2.15 | 1.22 | 97.61 | 55.62 | 99.76 | 56.84 | ||||
33. | झारखंड | 62.52 | 3.45 | 5.52 | 31.21 | 49.92 | 34.66 | 55.44 | ||||
34. | केरल | 70.76 | 16.64 | 23.52 | 22.38 | 31.63 | 39.02 | 55.14 | ||||
कुल | 19,35.54 | 3,23.63 | 16.72 | 12,65.33 | 65.37 | 15,88.96 | 82.09 | |||||
दिल्ली एवं चंडीगढ़ में कोई ग्रामीण आबादी नहीं है।
एचएच (HHs): परिवार
स्रोत : जल जीवन मिशन – आईएमआईएस
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(रिलीज़ आईडी: 2290149) आगंतुक पटल : 36

