
कोयला मंत्रालय

कोयला मंत्रालय की सलाहकार समिति ने वाणिज्यिक कोयला खनन सुधारों और निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने पर चर्चा की
प्रविष्टि तिथि: 06 AUG 2026 11:16AM by PIB Delhi
कोयला मंत्रालय से संबद्ध सांसदों की सलाहकार समिति ने बुधवार को ‘वाणिज्यिक कोयला खनन सुधार और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने‘ पर चर्चा करने के लिए बैठक की। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी किशन रेड्डी ने की। समिति के सदस्यों के अलावा, कोयला मंत्रालय के सचिव श्री विक्रम देव दत्त, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और कोयला क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रम क्षेत्र के सदस्य भी इस बैठक में उपस्थित थे।
केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि वाणिज्यिक कोयला खनन पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शुरू किए गए अनेक सुधारों का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। श्री रेड्डी ने सदस्यों को सूचित किया कि वाणिज्यिक कोयला खदानों की नीलामी के 14 चरण पूरे हो चुके हैं और 15वां चरण वर्तमान में प्रक्रियाधीन है। उन्होंने कहा कि वाणिज्यिक कोयला खनन ने कोयला क्षेत्र को अधिक प्रतिस्पर्धी और कुशल बनाया है। श्री रेड्डी ने कहा कि पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया ने प्रतिस्पर्धा और निवेश को बढ़ावा देकर भारत के कोयला क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन किया है। नीलामी प्रक्रिया का जिक्र करते हुए श्री रेड्डी ने कहा कि कोयला मंत्रालय उद्योग निकायों और निजी कंपनियों के साथ सक्रिय रूप से जुड़कर जागरूकता बढ़ाने और व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए रोड शो और हितधारक परामर्श आयोजित कर रहा है।
कोयला मंत्रालय के सचिव श्री विक्रम देव दत्त ने सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि पिछले दो वित्तीय वर्षों में 1 अरब टन कोयला उत्पादन हासिल करने में कैप्टिव और वाणिज्यिक खदानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। श्री दत्त ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में देश के कोयला उत्पादन में कैप्टिव और वाणिज्यिक कोयला खदानों का योगदान लगभग 20 प्रतिशत रहा है। उन्होंने बताया कि कोयला क्षेत्र में किए गए निरंतर सुधारों के कारण पूर्णतः खोजे गए ब्लॉकों के संचालन की समय सीमा 51 महीने से घटकर 40 महीने और आंशिक रूप से खोजे गए ब्लॉकों के संचालन की समय सीमा 66 महीने से घटकर 52 महीने हो गई है।
कोयला मंत्रालय की अपर सचिव श्रीमती रुपिंदर बरार ने ‘वाणिज्यिक कोयला खनन सुधार और निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने‘ से जुड़े विषय पर प्रस्तुति दी। समिति के सदस्यों ने कोयला क्षेत्र में सुधार के लिए मंत्रालय के प्रयासों की सराहना की और निजी क्षेत्र की भागीदारी को और बेहतर बनाने तथा वाणिज्यिक खनन विकास को पर्यावरण और सामुदायिक चिंताओं के साथ संतुलित करने के लिए बहुमूल्य सुझाव दिए।
Chaired the Consultative Committee Meeting of the Ministries of Coal and Mines with Hon’ble Members of Parliament from across party lines in New Delhi, today.
Deliberated on key developments in the sectors and exchanged views on further strengthening the respective sectors.… pic.twitter.com/jKvoRvmEIH
— G Kishan Reddy (@kishanreddybjp) August 5, 2026
***
पीके/केसी/एसएस/वाईबी
(रिलीज़ आईडी: 2295345) आगंतुक पटल : 14

