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कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय

azadi ka amrit mahotsav

विषय: राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन तिलहन (एनएमईओ-तिलहन) का क्रियान्वयन

प्रविष्टि तिथि: 07 AUG 2026 6:10PM by PIB Delhi

2244. डा. संदीप कुमार पाठकः

श्री मयंककुमार नायकः

श्री मिथलेश कुमारः

श्री सुखेन्दु शेखर रॉयः

डा. अनिल सुखदेवराव बोंडे:

श्री जग्गेशः

श्री कणाद पुरकायस्थः

श्री सुभाष बरालाः

क्या कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे किः

() क्या सरकार ने देश में तिलहनउत्पादन बढ़ाने तथा खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय खाद्य तेलतिलहन मिशन राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशनतिलहन (एनएमईओतिलहन) को स्वीकृति दी है;

() यदि हां, तो उक्त मिशन, तत्संबंधी उद्देश्य/लक्ष्य, क्रियान्वयन की समयसीमा तथा मिशन के अंतर्गत सभी राज्यों को निर्गत की गई निधियों, का ब्यौरा क्या है;

() वर्ष 2024-25 से 2030-31 की अवधि के लिए एनएमईओतिलहन हेतु कुल कितना बजट आवंटित किया गया है; और

() सरकार द्वारा स्वदेशीतिलहन किस्मों को बढ़ावा देने, आयातित हाइब्रिडबीजों पर निर्भरता कम करने तथा देश को तिलहनउत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौन से अतिरिक्त कदम उठाए गए/प्रस्तावित हैं?

उत्तर

कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री (श्री रामनाथ ठाकुर)

() एवं (): जी हाँ, सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशनऑयल पाम (एनएमईओओपी) को केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में ऑयल पाम की खेती का क्षेत्रफल और उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से स्वीकृति दी है, जिससे खाद्य तेलों का घरेलू उत्पादन बढ़े और आयात पर निर्भरता कम हो। इस मिशन को वर्ष 2021-22 में 11,040 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय के साथ आरंभ किया गया था, जिसमें भारत सरकार का हिस्सा 8,844 करोड़ रुपये है, और इसका लक्ष्य वर्ष 2021-22 से 2025-26 के दौरान 6.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को ऑयल पाम की खेती के अंतर्गत लाना है।

यह मिशन 15 राज्यों (आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, कर्नाटक, केरल, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, तमिलनाडु, तेलंगाना और त्रिपुरा) में कार्यान्वित किया जा रहा है। एनएमईओओपी के अंतर्गत प्रमुख हस्तक्षेपों में रोपण सामग्री के लिए सहायता, पौधो का रखरखाव, इंटरक्रोपिंग, ड्रिप सिंचाई, कृषि मशीनरी, पुनःरोपण, बीज उद्यान और नर्सरी की स्थापना, और ऑयल पाम प्रसंस्करण इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास करने के अतिरिक्त व्यवहार्यता अंतर भुगतान (वीजीपी) के माध्यम से किसानों के लिए मूल्य आश्वासन तंत्र शामिल हैं।

वर्ष 2021-22 से 2025-26 के दौरान, कुल 2.73 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में ऑयल पाम की खेती की गई। इसी अवधि में, भारत सरकार ने मिशन के विभिन्न घटकों के तहत कार्यान्वयन करने वाले राज्यों को 1,447.21 करोड़ रुपये जारी किए।

(): एनएमईओओपी को वर्ष 2021-22 से 2025-26 की अवधि के लिए 11,040 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ अनुमोदित किया गया था। इसके बाद, कार्यान्वयन करने वाले राज्यों के लिए वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्य योजनाओं (एएपी) के लिए 1143.9 करोड़ रुपये अनुमोदित किए गए हैं।

(): राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशनऑयल पाम (एनएमईओओपी) के अतिरिक्त, राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशनतिलहन (एनएमईओओएस) का शुभारंभ दिनांक 3 अक्टूबर, 2024 को सात वर्षों (2024-25 से 2030-31) की अवधि के लिए किया गया था, जिसका उद्देश्य देश में तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देना तथा खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता प्राप्त करना है। इस मिशन के अंतर्गत तिलहन की उन्नत स्वदेशी किस्मों एवं संकर (हाइब्रिड) बीजों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ब्रीडर बीजों की खरीद पर 100% वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। साथ ही, मूल्य श्रृंखला क्लस्टरों के माध्यम से प्रमाणित बीजों के वितरण को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। हाल ही में जारी की गई तिलहन किस्मों के संकर बीजों के उत्पादन हेतु 60 बीज केंद्रों एवं 50 विशेषीकृत बीज भंडारण इकाइयों को स्वीकृति प्रदान की गई है।

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RC/MS

(रिलीज़ आईडी: 2296217) आगंतुक पटल : 24

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