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Patna: जाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव को मधेपुरा की पुलिस ने पटना से गिरफ्तार कर ऑनलाइन कोर्ट में पेश करने के वीरपुर जेल भेज दिया है. पुलिस ने पूर्व सांसद को मधेपुरा व्यवहार न्यायलय के प्रभारी ए सीजेएम प्रथम कोर्ट में पेश किया. इसके बाद कोर्ट के प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें जेल भेजा गया. 

इस मामले में अब पप्पू यादव ने जेल में ही भूख हड़ताल करने का ऐलान किया है. पप्पू यादव के ट्विटर अकाउंट से एक ट्वीट हुआ है, जिसमें लिखा है, ‘वीरपुर जेल में मैं भूख हड़ताल पर हूं. न पानी है, न वाशरूम है, मेरे पांव का ऑपरेशन हुआ था, नीचे बैठ नहीं सकता, कमोड भी नहीं है.’

साथ ही पूर्व सांसद ने कहा है कि कोरोना मरीज की सेवा करना, उनकी जान बचाना, दवा माफिया, हॉस्पिटल माफिया, ऑक्सीजन माफिया,एम्बुलेंस माफिया को बेनकाब करना ही मेरा अपराध है. मेरी लड़ाई जारी है.

इससे पहले कोर्ट में पेशी के बाद पप्पू यादव ने कहा था कि उनके ऊपर कार्रवाई बिहार के कई निजी मेडिकल माफिया और कई मंत्री के दबाव में की गई है. उन्होंने कहा कि जब कोई मामला नहीं मिला तो 32 साल पुराना मामले में मुझे साजिश के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है, जबकि कोरोना काल में गिरफ्तारी का कोई प्रावधान नहीं है. हाईकोर्ट में मामला लंबित है. मेरे साथ जानबूझकर ऐसा किया गया है.

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जानकारी के अनुसार, पप्पू यादव पर मधेपुरा के कुमारखंड थाना में मामला पहले से ही दर्ज है. इसी मामले में उनके खिलाफ वारंट जारी होने के बाद मधेपुरा की पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है. जिसके बाद पुलिस अब मधेपुरा कोर्ट में उन्हें पेश किया. 
 

जाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव पर 1989 में मधेपुरा जिले के कुमारखंड थाने में अपहरण मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी. इसी मामले में कोर्ट ने उनके खिलाफ 22 मार्च को वारंट जारी किया था. कोर्ट ने वारंट इस वजह से जारी किया था क्योंकि पप्पू यादव कोर्ट में हाजिर नहीं हुए थे. इसी में मधेपुरा की पुलिस ने उन्हें कोर्ट की अवमानना के मामले में गिरफ्तार किया है.