
किशोर शिल्लेदार/राजनांदगांवः कोरोना वायरस संक्रमण से जूझ रहे मरीजों को आइसोलेशन, इन्फेक्शन दवाइयों से लेकर कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा. ऐसे में वैक्सीन ही एकमात्र उम्मीद बची है, लेकिन छत्तसीगढ़ के राजनांदगांव में वैक्सीनेशन के दौरान ही बड़ी लापरवाही देखने को मिली. यहां वैक्सीन लगाने के बाद मरीजों को बुखार की जगह डायबिटीज की गोलियां दे दी गईं, जिसे खाने के बाद पांच की तबीयत बिगड़ गई.
फार्मासिस्ट तत्काल प्रभाव से निलंबित
मामला डोंगरगांव ब्लॉक के अर्जुनी गांव स्थित टीकाकरण केंद्र से सामने आया. वैक्सीनेशन के बाद लोगों को बुखार से बचने के लिए पेरासिटामोल की गोलियां दी जाती हैं. लेकिन 11 मई को यहां एक परिवार के सात लोगों को वैक्सीन लगने के बाद शुगर की गोलियां दे दी गईं. जिसे खाते ही पांच की तबियत बिगड़ी, मामला उजागर होते ही गांव वालों ने हंगामा शुरू किया. मुख्य जिला चिकित्सा व चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी ने लापरवाही बरतने वाले फार्मासिस्ट को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया.
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दवाई खाते ही करने लगें उल्टियां
यहां रातापायली के एक परिवार के सात सदस्यों ने 11 मई को टीका लगवाया, जिन्हें शुगर की गोलियां दी गईं. उसे खाते ही परिवार के पांच सदस्यों की तबीयत बिगड़ने लगी. उन्हें उल्टी, चक्कर व अन्य शारीरिक परेशानिया होने आने लगीं. परिजनों ने जांच करवाई तब पता चला कि टीकाकरण के बाद उन्हें जो गोलियां दी गईं वे बुखार की पेरासिटामोल नहीं बल्कि शुगर की दवाई मेटफार्मिन है.
टेबलेट के रेपर में समानता होने से हुई चूक
लापरवाही के बाद जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ मिथिलेश चौधरी से बात की गई. उन्होंने बताया कि बुखार और डायबिटीज की टेबलेट के रेपर समान हैं. इसी कारण स्वास्थ्य कर्मी से चूक हुई. हालांकि लापरवाही बड़ी है, इसी कारण संबंधित महिला फार्मासिस्ट को काम में गंभीर लापरवाही दिखाने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया. उन्होंने बताया कि जिन लोगों ने दवाई ले ली थी उनका परीक्षण कराया गया, उनकी तबीयत अब ठीक है.
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अफवाहों के बीच ऐसी लापरवाही!
देश-प्रदेश के कई ग्रामीण क्षेत्रों से वैक्सीन को लेकर अफवाहों की स्थिति देखने को मिल रही है, जिस कारण लोग वैक्सीन लगवाने से डर रहे हैं. ऐसे में इतनी बड़ी लापरवाही कई अन्य लोगों को डराने के लिए काफी है. डॉक्टर ने बताया कि सामान्य व्यक्तियों द्वारा शुगर की दवाई खाली पेट खाना प्राणघातक साबित हो सकता है. इसके सेवन से शुगर लेवल तेजी से कम होता है, सेवन करने वाले को सिरदर्द के साथ ही उल्टी भी हो सकती है. समय रहते इलाज नहीं मिलने पर मृत्यु भी हो सकती है. ऐसे में इस तरह की लापरवाही न हो तो ही बेहतर रहेगा.
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