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सागरः कोरोना वायरस की दूसरी लहर में सामने आया कि संक्रमण युवाओं में अधिक तेजी से फैल रहा, वहीं क्षेत्र की बात करें तो शहरों के मुकाबले गांवों में ज्यादा मामले सामने आए. लेकिन मध्य प्रदेश के सागर जिले में एक गांव ऐसा भी है. जहां के लोगों ने समय रहते जागरूकता दिखाई और अपने गांव में संक्रमण की भयानक स्थिति को घुसने ही नहीं दिया.

खुद ही कर लिया गांव को सील
हम बात कर रहे हैं केसली ब्लॉक के जनकपुर गांव की, अखबार दैनिक भास्कर में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार 1465 लोगों के इस गांव में एक भी कोरोना संक्रमित नहीं है. इन लोगों ने सामने आकर बाहरी लोगों के प्रवेश पर पहले ही प्रतिबंध लगा दिया, इन्होंने गांव की सीमा सील कर दी. इसी कारण गांव में वायरस ने अब तक कदम नहीं रखा.

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बगैर मास्क निकलने पर 20 रुपए का जुर्माना
ग्रामीणों ने बाहर वालों को तो अंदर आने से रोका ही, गांव वालों के लिए भी नियम बनाए. कोई भी व्यक्ति अगर बिना मास्क लगाए घर से बाहर निकलता है तो उससे 20 रुपए का जुर्माना वसूला जा रहा है. ग्राम पंचायत के सहयोग से गांव में भाप सेंटर और जन औषधि केंद्र भी खुलवाए गए.

गांव के 96 फीसदी 45+ लोगों को लग गया टीका
पंचायत के सहायक सचिव भरत सिंह लोधी ने बताया कि गांव में 45 से ज्यादा उम्र के 338 लोग हैं, जिनमें 325 को कोरोना का टीका लग चुका है. यानी 45+ के 96 फीसदी लोगों का वैक्सीनेशन हो चुका है. उन्होंने बताया कि गांव वाले ही रास्ते पर खड़े होकर बारी-बारी से पहरा दे रहे हैं ताकि कोई भी व्यक्ति बाहर से गांव में प्रवेश नहीं कर सके. गांव के लोग रोज भाप लेते हैं और नियमों का पालन भी करते हैं. इसका असर यह हुआ कि गांव में संक्रमण दर शून्य है और कोरोना का एक भी मरीज अब तक सामने नहीं आ सका.

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