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Jaipur: कोरोना महामारी (Corona epidemic) के बीच आज छोटी काशी में मंदिरों के बंद कपाट के पीछे अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) की गूंज सुनाई दी. कोरोना महामारी के बीच मंदिर प्रशासन ने पुरानी परंपराओं को कायम रखा.

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जयपुर (Jaipur) के चारदीवारी में 300 साल पुराने निर्विकारेश्वर महादेव मंदिर में जलविहार की झांकी सजाई गई. कोरोना से लड़ने के लिए चारदीवारी में अक्षय तृतीया के मौके पर महामृत्युंजय का जाप किया गया.

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सेवकों के अलावा मंदिर में प्रवेश निषेध
मंदिर के सेवक रामकृष्ण सैनी (Ramkrishna Saini) ने बताया कि इस दौरान मंदिर परिसर में सेवकों के अलावा बाहरी व्यक्तियो का प्रवेश नहीं दिया गया. सभी सेवको ने सोशल डिस्टेंसिंग और चेहरे पर मास्क लगाकर महादेव की आराधना की. जल विहार की मनमोहक झांकी की श्रद्धालुओं ने सोशल मीडिया के जरिए दर्शन किए. महामृत्युंजय जाप में संक्रमित इलाकों के लिए जल्द से जल्द सुरक्षित होने की कामना की. 

मंदिर नहीं जा पाए, घर-घर झांकी सजी झांकी
लॉकडाउन के चलते अक्षय तृतीया के अवसर पर श्रद्धालु मंदिर नहीं आ पाए, इसलिए श्रद्धालुओं ने घर पर ही झांकी सजाई और भगवान की प्रार्थना की. शहर के प्रमुख मंदिरों में भी सोशल मीडिया के जरिए दर्शन किए जा रहे हैं. श्रद्धालुओं ने आज के दिन भी सोशल मीडिया के जरिए ही भगवान के दर्शन किए.