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Darbhanga: जन अधिकारी पार्टी (JAP) के प्रमुख पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद उन्हें वीरपुर जेल से डीएमसीएच दरभंगा अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अस्पताल के डॉक्टरों ने पप्पू यादव के बेहतर इलाज के लिए सीटी स्कैन व एमआरआई टेस्ट को जरूरी बताया है. इसके बाद उन्हें जांच के लिए दरभंगा के मेदांता मेडिसिटी अस्पताल ले जाया गया है.

इस बारे में पप्पू यादव के ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर जानकारी दी गई है. दरअसल, डॉक्टरों ने बेहतर उपचार के लिए इस जांच को जरूरी बताया था. पप्पू यादव ने अपने ट्विटर अकाउंट के माध्यम से कहा है कि कोरोना पीड़ित आम मरीजों को बेहतर से बेहतरीन उपचार मिल सके, इसके लिए मेरी लड़ाई जारी है. 

साथ ही उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों को दुरुस्त करना होगा तभी आम लोगों को न्याय मिलेगा. इसके पूर्व एक अन्य ट्वीट के माध्यम से पूर्व सांसद ने कहा था कि दरभंगा जिला प्रशासन अपने आका के इशारे पर डॉक्टर बन गया है. 

उन्होंने कहा,’DMCH के डॉक्टर मेरा समुचित उपचार करना चाहते हैं तो दरभंगा जिला प्रशासन हस्तक्षेप कर रहा है. डॉक्टर CT स्कैन,MRI कराना चाहते हैं तो इसे बाधित कर रहा है.’ साथ ही पूर्व सांसद ने कहा था कि वह मुझे प्रताड़ित कर मेरी जिंदगी और स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहा है.

गौरतलब है कि दरभंगा मेडिकल कॉलेज ने पप्पू यादव की तबीयत को देखते हुए उन्हें इलाज के लिए पटना भेजने का फैसला किया था. लेकिन, पप्पू यादव ने ही अस्पताल के प्रमुख को पत्र लिख पटना नहीं भेजने की अपील की थी.

इसके बाद अस्पताल ने फैसला लिया कि जन अधिकार पार्टी सुप्रीमो को फिलहाल पटना नहीं भेजा जाएगा. अस्पताल ने बताया भी कि पप्पू यादव खुद पटना जाना नहीं चाहते हैं. इसके लिए कोई प्रशासनिक अड़चन नहीं है. 

इसके बाद पप्पू यादव की जिद और हालत को देखते हुए डीएमसीएच की मेडिकल टीम ने पप्पू यादव का पटना जाना रद्द कर दिया है. अस्पताल में पप्पू यादव की तबीयत बिगड़ने के बाद उनसे मिलने के लिए उनकी पत्नी रंजीत रंजन भी अस्पताल पहुंची थी. अपने पति से मिलकर रंजीत रंजन भावुक हो गई थी. इसके बाद उन्होंने पटना में प्रेस कांफ्रेंस कर सीएम नीतीश कुमार पर हमला बोला था.