
नई दिल्लीः अरब सागर में आया तूफान ‘ताऊ ते’ अब खतरनाक होता जा रहा है. आशंका जाहिर की जा रही है कि यह तूफान चक्रवाती तूफान में बदल रहा है, जिससे तटीय इलाकों में भारी तबाही हो सकती है. केरल इस तूफान के चलते हाई अलर्ट पर है. वहीं तूफान के चलते लक्ष्यद्वीप, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु में भारी बारिश की आशंका है. वहीं गोवा और कोंकण इलाके में सामान्य बारिश के आसार हैं.
जानिए कैसे रखे जाते हैं चक्रवाती तूफानों के नाम
दरअसल संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक आयोग, विश्व मौसम संगठन ने 2000 में हिंद महासागर में आने वाले तूफानों को नाम देने के लिए संबंधित देशों को अपने क्षेत्र में आने वाले चक्रवाती तूफानों के नाम सुझाने को कहा. कई साल तक ऐसा किए जाने के बाद अब भारत की पहल पर हिंद महासागर में आने वाले चक्रवाती तूफानों को नाम देने की एक व्यवस्था बना दी गई है.
इस व्यवस्था के तहत हिंद महासागर के 8 देशों भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान, म्यांमार, मालदीव, श्रीलंका, ओमान और थाईलैंड ने इन सभी देशों में आने वाले कुल चक्रवाती तूफानों के लिए 64 नामों की एक लिस्ट तैयार की. हर देश की तरफ से 8 नाम दिए गए. सभी सदस्य देशों के मौसम विज्ञानियों का एक पैनल साल में एक बार मिलता है और जरूरत पड़ने पर सूची में और नाम जोड़े जाते हैं. साल 2018 में देशों की सूची में 5 और देश ईरान, कतर, सउदी अरब, यूएई और यमन भी पैनल में शामिल हो गए हैं. अब सभी 13 देश तूफानों के लिए 13 ही नाम सुझाते हैं.
इस आधार पर दिए जाते हैं नाम
देशों को अल्फाबेट के हिसाब से पहले और दूसरे फिर आगे के नंबरों पर रखा जाता है. जैसे पहले चक्रवाती तूफान को बांग्लादेश द्वारा दिए गए नाम के आधार पर नामकरण किया जाएगा. दूसरे को भारत द्वारा दिए गए नाम के हिसाब से. इस तरह पहले सभी 13 सदस्य देशों के नाम दिए जाते हैं. इसके बाद फिर से बांग्लादेश से यह नामकरण शुरू हो जाता है.
ताउ ते नाम किसने दिया?
अभी अरब सागर में आ रहे तूफान ताउ ते का नामकरण म्यांमार ने किया है. यह नाम म्यांमार की एक छिपकली की प्रजाति के नाम के आधार पर दिया गया है. यह भारतीय तट पर इस साल का पहला चक्रवाती तूफान है.
क्यों दिए जाते हैं नाम?
दरअसल कंफ्यूजन को दूर करने के लिए तूफानों का नामकरण किया जाता है. अगर एक साथ दो तूफान आ जाते हैं तो नामकरण के चलते बचाव कार्य व आपदा प्रबंधन में आसानी रहती है.
नई सूची में देशों ने जो नाम दिए हैं, उनमें भारत की तरफ से गति, तेज, मुरासु, आग, नीर, प्रभांजन, घुरनी, अंबुद, जलाधि, बेगा आदि नाम शामिल हैं. वहीं बांग्लादेश ने अर्नब, कतर ने शाहीन व बहार और पाकिस्तान ने लुलु नाम सुझाए हुए हैं.
