
Patna: कोरोना काल में बड़े पैमाने पर लोगों की मौत हो रही है. जिसके चलते मौत के बाद मृत्यु प्रमाण पत्र पाने के लिए लोगों को निगम के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं. तो वहीं, निगम पर बढ़ते बोझ के कारण प्रमाण पत्र देने में विलंब हो रहा है और लोगों को परेशानी का सामना करना पढ़ रहा है. इसी क्रम में लोगों की परेशानी को देखते हुए नगर विकास विभाग ने आवेदन देने वालों के पास प्रमाण पत्र ईमेल और रजिस्टर्ड डाक से भेजने का फैसला किया है.
विभाग के प्रधान सचिव आनंद किशोर ने इस संदर्भ में सभी नगर निगम के आयुक्तों, नगर परिषद और नगर पंचायतों के अधिकरियों को पत्र जारी किया है. पत्र में साफ लिखा गया है इस विपरीत परिस्थिति में निकायों की ओर से जारी होनेवाले मृत्यु प्रमाणपत्रों को हासिल करने में लोगों को नगर निकाय जाना पड़ता है और उन्हें बेवजह काफी कठिनाइयों का सामना करना पर रह है. इसलिए जरूरी है कि ऐसे मामलों में संवेदनशीलता दिखाते हुए मामले का तुरंत निष्पादन किया जाए.
लोगों को निगम कार्यालय नहीं आना पड़े ये भी ख्याल रखना जरूरी है. इसलिए जब भी मृत्यु प्रमाणपत्र से जुड़े आवेदन आएं तो आवेदन के साथ ही आवेदन देने वाले से उसका ईमेल आईडी और फोन नम्बर भी लिया जाए. आवेदकों को जल्द से जल्द ईमेल आईडी पर प्रमाणपत्र उपलब्ध करा दिया जाए और इसकी सूचना उनके मोबाइल पर दे दी जाए.
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सभी नगर निकायों को इसके लिए एक विशेष रजिस्टर भी रखना होगा. जिसमें आवेदन मिलने की तारीख, प्रमाणपत्र जारी करने की तारीख और ईमेल करने की तारीख दर्ज होगी. ताकि काम समय पर पूरा हो सके.
इसके अलावा यदि कोई आवेदन देनेवाला मृत्यु प्रमाणपत्र की हार्ड कॉपी लेना चाहता है तो उससे रजिस्टर्ड डाक का शुल्क आवेदन के समय ले लिया जाए. उन्हें ईमेल के अलावा रजिस्टर्ड डाक से भी उनके बताए पते पर प्रमाणपत्र भेज दिया जाए.
वहीं, जो आवेदक BPL परिवार से हैं और उनके पास ईमेल आईडी नही है तो ऐसे आवेदकों से प्री प्रिंटेड घोषणा पत्र पर अंगूठा या हस्ताक्षर ले लिया जाए. सरकार ऐसे लोगों के लिए प्रमाणपत्र भेजने में लगने वाली रजिस्ट्री शुल्क माफ कर देगी. यह निदेश सभी प्रकार के मृत्यु के मामलों में लागू होगा.
