News in Brief

गोरखपुर: कोविड 19 का असर अब लोगों के मन और भावनाओं पर भी पड़ने लगा है. कोई बेटा अपने पिता का शव लेने से मना कर रहा है तो कोई पिता वायरस के डर से बेटे का ही शव लेने से इंकार कर दे रहा है. कहीं पर रिश्तेदार मुंह मोड़ रहे हैं तो कहीं पर लोग अपनों को पहचानने तक से इनकार कर रहे हैं. गोरखपुर से मानवता को झकझोर कर रख देने वाला ऐसा ही एक मामला सामने आया है.

मेरठ की 100 वर्षीय दादी की हिम्मत के आगे पस्त हुआ कोरोना, फिर घर वालों ने धूमधाम से मनाया बर्थडे 

शव लेने से पिता ने किया इंकार 
दरअसल, जिले के पीपीगंज के तिघरा गांव के रहने वाले रमेश साहनी का 4 वर्षीय बेटा पिछले 5 दिनों से बीआरडी मेडिकल कॉलेज के कोरोना वार्ड में भर्ती था. बीते रविवार रात मासूम की मौत हो गई. इसके बाद अस्पताल के कर्मचारी पिता को बेटे की मौत की जानकारी दी और उनको शव ले जाने के लिए कहा. पिता रमेश ने कोरोना का हवाला देते हुए शव को लेने से इंकार कर दिया. 

दूल्हे ने फोन कर किया शादी से इंकार, हाथ में मेंहदी लगाए SP ऑफिस पहुंची दुल्हन, जानें पूरा मामला

एक दिन पहले हो गई मां की मौत 
कोरोना की वजह से रमेश की मां की एक दिन पहले ही मौत हो गई थी. रमेश अपनी मां का अंतिम संस्कार कराया था. वहीं बेटे के शव को नहीं ले जाने पर जब रमेश से सवाल किया गया तो उनका कहना है कि घर में सभी लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं. ऐसे में बच्चे का शव गांव ले जाकर परिवारवालों को और ग्रामिणों को परेशान नहीं करना चाहता है. इसलिए उसने शव को ले जाने से इंकार कर दिया. 

VIDEO: बिना मास्क घूम रहे कार्यकर्ता का चालान कटा तो पुलिस से भिड़े सपा विधायक

जब इस बारे में बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मैनेजमेट से बात की गई तो उनका कहना है कि मासूम की मौत के बाद उसके पिता को शव ले जाने के लिए कहा गया था, लेकिन उसने शव ले जाने से इनकार कर दिया. शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया है. 72 घंटे के इंतजार के बाद प्रशासन अंतिम संस्कार कराएगा.

WATCH LIVE TV