
मनमीत गुप्ता/अयोध्या: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद से अलग होकर नवगठित अखिल भारतीय वैष्णव अखाड़ा परिषद ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी पर लगे आरोपों की जांच कराए जाने की मांग की है. निर्वाणी अखाड़ा के राष्ट्रीय महासचिव और नवगठित अखिल भारतीय वैष्णव अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता महंत गौरी शंकर दास ने मांग की है कि अध्यक्ष नरेंद्र गिरी के शिष्य आनंद गिरि के आरोपों की जांच की जानी चाहिए. महंत नरेंद्र गिरी के ऊपर गंभीर आरोप लगे हैं. करोड़ों-अरबों रुपये के घोटाले का मामला है इसकी सच्चाई की जांच होनी चाहिए.
रजिस्टर्ड नहीं है अखाड़ा परिषद
महंत गौरीशंकर दास ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद को लेकर एक बड़ा खुलासा भी किया है. उनका कहना है कि अखाड़ा परिषद रजिस्टर्ड संस्था नहीं है. इस का आज तक कहीं भी रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है, ना ही अखाड़ा परिषद का कोई बाइलॉज ही है. ऐसे में अखाड़ा परिषद का कोई औचित्य नहीं है.
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नरेंद्र गिरी पर लगाए आरोप
नवगठित अखाड़ा परिषद के प्रवक्ता महंत गौरीशंकर दास का आरोप है कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने हरिद्वार कुंभ में तीनों वैष्णव अखाड़ों के साथ दोहरा मापदंड अपनाया था. अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि और अन्य पदाधिकारियों ने वैष्णव अखाड़ों के साथ कभी भी न्यायपूर्ण कार्य नहीं किया. यही कारण है कि हरिद्वार कुंभ मेले में तीनों वैष्णव अखाड़ों ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद से अलग कर लिया.
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आरोपों की जांच होनी जरूरी है
प्रवक्ता महंत गौरी शंकर दास का कहना है कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद भंग हो चुका है. ऐसे में नरेंद्र गिरी पर जो आरोप लगे हैं, उसकी जांच होनी जरूरी है. वहीं, तपस्वी छावनी के महंत परमहंस आचार्य ने भी नरेंद्र गिरी पर लगे आरोपों की जांच की मांग की है. परमहंस आचार्य का कहना है कि आरोप बेहद गंभीर हैं. ऐसे में आरोपों की जांच होनी जरूरी है. उन्होंने कहा कि अगर नरेंद्र गिरी सच्चे हैं तो उनको जांच से डरना नहीं चाहिए.
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आपको बता दें कि 25 अप्रैल को तीनों वैष्णव अखाड़ा निर्वाणी, निर्मोही और दिगंबर के 18 अखाड़ों के साथ नए अखाड़ा परिषद का गठन कर लिया. अब निर्वाणी, निर्मोही और दिगंबर अखाड़ा के साथ 18 अखाड़ों के नवगठित संस्था को अखिल भारतीय वैष्णव अखाड़ा परिषद के नाम से जाना जाता है. अखिल भारतीय वैष्णव अखाड़ा परिषद में राष्ट्रीय अध्यक्ष दिगंबर अखाड़ा के श्री महंत कृष्ण दास नगरिया को चुना गया है. महामंत्री निर्मोही अखाड़ा के श्री महंत राजेंद्र दास को चुना गया है और कोषाध्यक्ष निर्वाणी अखाड़ा के श्रीमहंत धर्मदास को चुना गया. अखिल भारतीय वैष्णव अखाड़ा परिषद में निर्वाणी के 7 अखाड़े, निर्मोही के 9 अखाड़े और दिगंबर के 2 अखाड़े शामिल किए गये हैं.
