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Patna: कोरोना काल मे आम जन संक्रमण और लचर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं से परेशान है. वहीं, दूसरी तरफ नेता एक-दूसरे के खिलाफ राजनीति करने का कोई भी मौका नहीं छोड़ना चाहते है. इस बीच तेजस्वी यादव और सुशील मोदी एक-दूसरे के आमने-सामने खड़े हो गए हैं. गौरतलब है कि तेजस्वी ने अपने सरकारी बंगले को ही कोविड केयर सेंटर में तब्दील कर दिया है. जिस पर  सुशील मोदी ने इसे नाटक करार देते हुए तेजश्वी के सामने सवालों की झड़ी लगा दी. 

दरअसल, तेजस्वी यादव की तरफ से अपने सरकारी आवास को कोविड केयर सेंटर में तब्दील होने की जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर की गई. तेजस्वी यादव ने बयान जारी कर कहा कि उन्होंने अपने सरकारी आवास को कोविड केयर सेंटर के रूप में तैयार कर दिया है. यहां दवा से लेकर खाने पीने की चीजों की उचित व्यवस्था की गई है. जरूरत पड़ने पर इसमें विस्तार भी किया जा सकता है. 

उनके इस काम की लोगों ने तारीफ भी की. इस पर सुशील मोदी ने इसे नाटक करार देते हुए तेजस्वी के सामने सवालों की झड़ी लगा दी. उन्होंने तेजस्वी यादव से कई सवाल कर डाले. 

सुशील मोदी ने किये कई ट्वीट 

तेजस्वी यादव पर हमला बोलते हुए उन्होंने ट्वीट किया, ‘कांति देवी ने मंत्री बनने के बदले जो दो मंजिला भवन तेजस्वी यादव को गिफ्ट किया था, उसमें या राबड़ी देवी के पास जो 10 फ्लैट बचे हैं, उनमें अस्पताल क्यों नहीं खोला गया?’

उन्होंने आगे ट्वीट किया, ‘ तेजस्वी प्रसाद यादव को सरकारी आवास के बजाय अवैध तरीके से पटना में अर्जित दर्जनों मकानों में से किसी को कोविड अस्पताल बनाना चाहिए था, जहां गरीबों का मुफ्त में इलाज होता. 

अस्पताल पर भी निशाना साधते हुए ट्वीट किया, ‘बिना डॉक्टर, उपकरण-स्वास्थ्यकर्मी के किसी परिसर में केवल कुछ बेड लगा देने से अस्पताल नहीं हो जाता. इससे केवल अस्पताल होने का नाटक किया जा सकता है.’

उन्होंने RJD पर भी हमला बोलते हुए कहा, ‘तेजस्वी यादव के परिवार में दो बहनें एमबीबीएस डाक्टर हैं. कोरोना संक्रमण के दौर में उनकी सेवाएं क्यों नहीं ली गईं?  यदि राजद नेतृत्व में गरीबों की सेवा के लिए तत्परता और गंभीरता होती, तो अस्पताल शुरू करने के लिए पहले सरकार से अनुमति ली जाती और उसके मानकों का पालन किया जाता.’

सुशील मोदी ने ऐसा बयान इसलिए दिया है क्योंकि उन्हें पता है सरकार सरकारी आवास को कोविड केयर सेंटर में बदलने की अनुमति नहीं देगी क्योंकि वहां आसपास कई कई मंत्रियों और बड़े अधिकारियों का आवास भी है. जिनसे उन्हें भी कोविड का खतरा हो सकते है. 

वहीं, दूसरी तरफ तेजस्वी भी इस बात को जानते है लेकिन गरीबों के सामने मसीहा बनने के लिए वो ये करने की कोशिश कर रहे हैं. ताकि वो लोगों को बोल सके कि सरकार ने उन्हें मदद से रोका था.