लखनऊ: उत्तर प्रदेश में निजी शैक्षिक संस्थाओं में तैनात उन शिक्षकों के लिए खुशखबरी है. जिन्हें पूरा वेतन नहीं मिल सका. उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, उच्च शिक्षण संस्थान के शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन भुगतान को लेकर निर्देश जारी किए हैं.
उत्तर प्रदेश शासन के विशेष सचिव ने इस संबंध में एक आदेश जारी किया है. जिसमें कहा गया है कि शासन के संज्ञान में आया है कि वर्तमान में प्रदेश की कई ऐसी निजी संस्थाएं है जिन्होंने छात्रों से पूरी फीस ली. लेकिन इन संस्थाओं ने शिक्षकों और अन्य स्टॉफ को वेतन का पूरा भुगतान नहीं किया है. इसलिए निर्देश दिए गए हैं कि जिन निजी शैक्षिक संस्थाओं ने छात्राों से पूरा शुल्क लिया है. लेकिन शिक्षकों और अन्य स्टॉफ को पूरा वेतन नहीं दिया. उनको तत्काल प्राथमिकता के आधार पर वेतन का भुगतान करें.

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स्कूलों में नहीं होगी फीस में बढ़ोत्तरी
आपको बता दें कि गुरुवार को सरकार ने एक और आदेश जारी किया है. जिसमें सरकार ने कोरोना महामारी को देखते हुए प्रदेश के सभी विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिए फीस वृद्धि पर रोक लगा दी है. विद्यालय 2021-22 के हिसाब से शुल्क ले सकेंगे. जो वर्ष 2019-20 में लागू की गई थी. अगर किसी स्कूल ने बढ़ी हुई शुल्क संरचना के हिसाब से फीस ले ली है तो इसे आगे के महीनों की फीस में समायोजित किया जाएगा. उन्होंने कहा है कि विद्यालय बन्द रहने की दौरान में परिवहन शुल्क नहीं लिया जाएगा.
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पिछले 24 घंटे में आए 6725 नए केस
कोरोना महामारी के बीच उत्तर प्रदेश के लिए राहत की खबर यह है कि राज्य में कोरोना संक्रमण के आंकड़ो में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. सरकार ने प्रदेश में कोविड के नए आंकड़ें जारी कर दिए हैं, जिसके अनुसार पिछले 24 घंटों में 6725 नए केस पाए गए हैं. वहीं, रिकवर होकर डिस्चार्ज हुए मरीजों की संख्या 13,950 रही है. इसी के साथ यूपी का रिकवरी रेट बढ़कर 91.8% हो गया है, जो बीते दिन तक 91.4% था.
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