
अयोध्या/मनमीत गुप्ता: कोरोना काल मे लगे लॉकडाउन ने रोजगार और व्यापार पर बुरा असर डाला है, लेकिन शहर की आबोहवा को शुद्ध किया है. अयोध्या में इन दिनों वायु प्रदूषण कम है. एयर क्वालिटी की गुणवत्ता भी बढ़ी है. वातावरण में नाइट्रोजन के कम होने से सेहत पर बेहतर असर पड़ रहा है.
AQI लेवल 140 के नीचे
शहर का AQI लेवल 165 से घटकर 140 के नीचे पहुंच गया है, जो मानक AQI 120 के नजदीक है. जिसे शुद्ध वातावरण के मानक में अच्छा माना जाता है. इस समय जिले की आबोहवा बदली-बदली सी है, जो वातावरण वायु प्रदूषण की वजह से सेहत पर बुरा असर डाल रहा था, वही लॉकडाउन के चलते शुद्ध हो गया है. इसका असर बेहतर स्वास्थ्य में भी पड़ रहा है.
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इस वजह से शुद्ध हुआ वातावरण
डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के पर्यावरण वैज्ञानिक असिस्टेंट प्रो. विनोद चौधरी का दावा है कि शहर में जहरीली हवा की जगह अब शुद्ध हवा ने ले ली है. शहर में वायु प्रदूषण रुक गया है. नाइट्रोजन आक्साइड और पीएम 10 की मात्रा भी 30 प्रतिशत घट गई है. इसके पीछे वाहनों के कम चलने और निर्माण प्रक्रिया कम होना है. सड़कों पर चलने वाले लगभग 1 लाख वाहनों से निकलने वाले नाइट्रोजन ऑक्साइड से वायु प्रदूषण का खतरा बढ़ गया था. साथ ही भवन व सड़क निर्माण की प्रक्रिया से बढ़ने वाला पीएम 10 भी 30% गिर गया है, जिसकी वजह से वातावरण शुद्ध हुआ है.
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वातावरण को शुद्ध रखना चैलेंज
वहीं, पर्यावरण वैज्ञानिक डॉ. विनोद चौधरी का कहना है,”अयोध्या का वातावरण शुद्ध रखना है, तो निर्माण और ट्रांसपोर्ट का एक मैकेनिज़म विकसित करना होगा, क्योंकि अयोध्या स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित होगी. यहां रोजाना बड़ी संख्या में पर्यटक आएंगे. ऐसे में पर्यावरण को शुद्ध रखना एक चैलेंज होगा.”
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आवागमन का पड़ता है असर
वहीं, कोविड मरीजों पर स्टडी करने वाले जगत हॉस्पिटल के ऑर्थो सर्जन डॉ. सूर्यमणि द्विवेदी ने बताया,”जब आवागमन रुकता है, तो हवा में घूमने वाले वायरस की आबादी कम हो जाती है. लोग कम ट्रैवल करते हैं, तो वह इंट्री करने के पॉइंट कम पाते है. इसी का प्रभाव है कि एक माह में कोविड के सेकंड वेव पर काबू पाया जा सका है. 30 अप्रैल को हालात कुछ और थे. बेडों की कमी थी. मरीजों की संख्या ज्यादा थी, लेकिन लॉकडाउन की वजह से आज प्राइवेट अस्पताल में एक ही मरीज है जिसकी कल छुट्टी हो जाएगी. साथ ही वातावरण भी शुद्ध हुआ है, जिसकी वजह से सेहत पर अच्छा असर पड़ रहा है.”
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