
Barmer: पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर जिले में कोरोना कहर से लोग अभी तक उभर ही नहीं पाए कि उससे पहले बुधवार को कुदरत के कहर तूफान ने जमकर तबाही मचाई. तूफान इतना खतरनाक था कि कई गरीब परिवारों के आशियानें टूट गए हैं तो कई घरों की छत तूफान में उखड़ गई. ऐसे में अब परिवार लोग धूप के नीचे रहने के लिए मजबूर हैं.
दरअसल, बाड़मेर शहर के पास शिवकर रोड की विरात्रा कॉलोनी में रहने वाले परिवारों का बुधवार रात को अचानक आए तूफान ने सब कुछ छीन लिया है. परिवार के लोगों के अनुसार, रात को खाना खा रहे थे इसी दौरान अचानक जोरदार तूफान आया. तूफान इतना भयंकर था कि कुछ ही मिनटों में लोहे की छपरें उड़ गए, जिसके चलते टीवी से लेकर पंखे टूट गए.
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वहीं पीड़ित परिवारों के अनुसार, इससे पहले भी कई बार तूफान आए हैं, लेकिन इतना भयंकर तूफान पहली बार आया है. उन्होंने कहा कि हमने पाई-पाई जोड़ कर यह मकान बनाया था. लेकिन एक झटके में ही हम लोग तबाह हो गए, अब तो सरकार से कुछ उम्मीद है कि हम धूप में नीचे बैठे हैं, अगर सरकार कुछ मदद करें तो बड़ी मेहरबानी होगी.
इधर, बाड़मेर की विद्युत विभाग के अनुसार, बुधवार को आए तूफान में बाड़मेर जिले में ₹700000 का नुकसान हो गया है. चारों तरफ विद्युत के पोल उखड़ गए हैं. विद्युत विभाग के अनुसार, पिछले 15 दिनों में तूफान की वजह से जमकर तबाही हुई है. अब तक 22,00000 रुपए का नुकसान हो गया है. जबकि बुधवार को आए तूफान के बाद दर्जनों गांव में अभी तक बिजली आपूर्ति बंद है.
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(इनपुट-भूपेश आचार्य)
