
Jaisalmer : सरकारी कार्यालय को ही बना दिया मयख़ाना. एक बारगी तो सुनने में यह बात थोड़ी अटपटी लगे, लेकिन यही हकीकत है. सरकारी कार्यालयों (Government Office) में जनता का काम करनें की तनख्वाह ले रहे सरकारी कर्मचारियों ने ही कार्यालय व परिसर को मयखाना बना दिया. देर रात यहां जाम छलकते हैं और जाम के बाद मदिरा की खाली बोतलों को जब्त किए गए वाहन भरे जा रहे हैं. इन वाहनों में देशी पव्वे से लेकर ब्रांडेड शराब की खाली बोतले देखी जा सकती हैं.
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मामला पोकरण शहर के परिवहन निरीक्षक कार्यालय का है, जिससे राजस्थान सरकार ने बुधवार को जारी एक आदेश में जिला परिवहन कार्यालय में तब्दील कर दिया गया है, जिसके नंबर भी RJ 55 जारी कर दिए हैं. जिला मुख्यालय की और जाने वाले सड़क मार्ग पर उरमूल संस्था के पीछे परिवहन निरीक्षक कार्यालय का कार्यालय बना हुआ है. कार्यालय परिसर में विभाग द्वारा कुछ वाहनों को भी जब्त करके रखा गया है. कुछ की हालत खटारा जैसी भी हो गई है.
जब ज़ी मीडिया की टीम की जांच पड़ताल की तो पाया गया कि एक वाहन शराब (Liquor) की खाली बोतलों से भरा हुआ पड़ा था. मौके पर कोई भी कर्मचारी नजर नहीं आया. सरकारी कार्यालय में अन्य कोई भी शराबी प्रवर्ति का व्यक्ति नहीं आ सकता और न ही जाम छलका जा सकता है तो परिवहन विभाग के ही अधिकारियों और कर्मचारियों संदेह के घेरे में आते नजर आ रहे हैं. वर्तमान पोकरण परिवहन विभाग कार्यालय में उपनिरीक्षक पद पर बलवानसिंह कार्यरत है.
पड़ताल में यही सामने आया कि सड़कों पर वाहन चालकों को नियमों का पालन कराने वाले विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मयखाना सजाते हैं और देर रात शराब की पार्टियां करते हैं. फिर खाली शराब की बोतलों को पास ही जब्त किए गए वाहनों में डाल देते हैं. सरकारी परिसर में सरकारी कर्मचारियों की ऐसी करतूते पूरे विभाग पर सवालिया निशान खड़े करते हैं.
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