
लखनऊ: कोरोना महामारी की दूसरी लहर ने पूरे देश में हाहाकार मचा दिया. यूपी में भी शुरू में स्थितियां बिगड़ीं, लेकिन राज्य सरकार और प्रशासन की लगातार कोशिशों से कोरोना पर काबू पाया जा सका है. हालांकि, अभी भी कोविड की थर्ड वेव का खतरा बना हुआ है. इससे निपटने के लिए सरकार की क्या तैयारी है, इससे संबंधित जानकारियां राज्य के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने जी यूपी उत्तराखंड के हेल्थ कॉन्क्लेव में दी. इस दौरान हमारे संवाददाता राम मोहन शर्मा ने उनसे बात की. आइये जानते हैं बातचीत के कुछ अंश….
आने वाले चुनाव में जनता तय करेगी कौन सत्ता में आएगा
एक तरफ जहां WHO, नीति आयोग और हाई कोर्ट ने योगी सरकार के काम की तारीफ की, वहीं विपक्षी दल उत्तर प्रदेश में अव्यवस्थाओं को लेकर लगातार हमला कर रहे हैं. इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोविड-19 की महामारी में विपक्ष को जवाब दें या कोरोना प्रबंधन करें. जनता ने हमको 5 साल का मौका दिया. हम सरकार में आए. हमारे समय में महामारी आ गयी. ऐसी परिस्थियों का सामना करना पड़ता है, जो सरकार या सत्ता में रहता है. हमने भी सामना किया. हमने भी प्रभावी ढ़ंग से प्रंबधन किया, व्यवस्थाएं बनाई. विपक्ष को चिंता है तो उनको वेट करना चाहिए.
मैं हमेशा कहता हूं कि अगर हमारे काम में कमी आ रही है, तो विपक्ष सुझाव दें. हमारा ऑफिस खुला है, उसके माध्यम से हमसे डिटेल ले लीजिए. हम कहां-कहां गए. उन गांवों में खुद जाकर पूछें. अगर हमारे यहां कोई कमी है, तो हमें बताएं. हम सुधार करेंगे. लेकिन केवल यह कहना कि पीएम झूठ बोल रहे हैं. यूपी में सरकार काम नहीं कर रही है, व्यवस्था पूरी बदहाल हो गई है. तो इसका जवाब देना कठिन है. मैं तो यही कहूंगा कि 6-8 महीनों में यूपी में चुनाव आ ही रहा है. विपक्ष इस बात को जनता के सामने रखे. जनता तय कर देगी कि हम गलत काम कर रहे हैं या सही. हम गलत हुए तो जनता हटा देगी, विपक्षी सत्ता में आ जाएंगे.
सभी जिलों में हैं WHO और यूनिसेफ के वर्कर
विपक्षी दल का आरोप है कि इस बारे आप आंकड़ें छुपा रहे हैं, बाकी चीजों के बढ़ा कर बताते हैं. ये सवाल पूछे जाने पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा ये हमेशा रहेगा. ये कहने वाली बात है. लेकिन दुख की बात ये है कि पूरे भारत में हर राज्यों ने मिलकर इसका सामना किया, लेकिन जब हमारे केंद्र लेवल के फीगर्श जो इंटरनेशनली जाते हैं, उस पर भी कई विकसित देश सवाल उठाते हैं, कि भारत में इतने कम केस कैसे दिख रहे हैं. कैसे रिकवरी हो रही है. डेथ रेट कैसे कम हैं. उन्होंने कहा कि WHO और यूनिसेफ के वर्कर हमारे सभी जिलों में हैं. वो हमारे हेल्थ पार्टनर्स हैं, उनसे हम बराबर फीडबैक भी लेते हैं. कई बार हम उनसे ही बात करते हैं. कई बार हम अपने कर्मचारी, CMO, डॉक्टर से डायरेक्ट नहीं बात करते हैं. पहले उनसे फीडबैक लेते हैं. पेशेंट से फीडबैक लेते हैं. हम टीमों से बात करते हैं. हमारी टीम मजबूत है. लेकिन हम ये भी मानने को तैयार है कि कहीं ना कहीं गलती हो जाती है. इतनी बड़ी आबादी में 100 प्रतिशत नहीं सफल हो पाएंगे. कहीं ना कहीं तो हमारी कमी होगी. अगर कमी होगी तो उसे हमें सुधारना है. उसको ठीक करना है. किसी भी तरह कि लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई भी की जाएगी.
“कमी होने पर सीएम डांटते भी हैं”
क्या सीएम के दौरा करने से सिस्टम में सक्रियता आई है? इस सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सीएम के दौरे से सक्रियता आई है, जहां वो जाते हैं और कमी मिलती है तो वो सुधार के लिए कहते हैं. अक्सर सीएम प्रधान से लेकर आशा वर्कर तक डायरेक्ट बात करते हैं. इसके साथ ही पेंशेट से डायरेक्ट उनके ऑफिस से बात होती है. जब कहीं कमी होती है तो वो डांटते भी हैं. तभी तो हम उतना सक्रिय रह पाते हैं. चारों तरफ से फीडबैक जरूरी है. हम अपने जनप्रतिनिधियों को भी पूरी सूची देते हैं. उनसे कहते हैं कि जहां टीम नहीं पहुंची हमें सूचना दीजिए. ताकि हम टीम भेज सकें. उन्होंने कहा कि हम हर तरफ से क्रॉस चेकिंग करते हैं.
डॉक्टर से लेकर वार्ड बॉय तक की सैलेरी में 25% बढ़ोत्तरी
यूपी में अस्पताल के स्टाफ का मनोबल बना रहे इसके लिए क्या विशेष व्यवस्था है. इस सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हम लोगों ने इस बात पर विचार किया है. सभी स्टाफ के प्रोत्साहन के लिए चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना जी ने एक कमेटी बनाकर अपना विचार रखते हुए प्रस्ताव कैबिनेट में भी पास कर दिया है. जिसके तहत कोविड 19 के दौरान जो लोग सक्रियता के साथ काम कर रहे हैं. डॉक्टर से लेकर वॉर्ड बॉय तक की सैलेरी का 25% अधिक दिया जाएगा, जब तक कोरोना काल रहेगा. इसमें आउटसोर्सिंग से लेकर परमानेंट स्टाफ तक सभी शामिल हैं.
जून में 88 लाख लोगों को लग जाएगी वैक्सीन
वैक्सीन को लेकर प्रदेश में क्या तैयारी है, इस पर उन्होंने बताया कि जैसै-जैसे वैक्सीन की उपल्ब्धता होती गई. हम जिलों को शामिल करते गए. पहले हमने 7 जिलों को शामिल किया. फिर 5 और उसके बाद 11 और जिलों को जोड़ा गया. आने वाले समय में सभी 75 जिलों में वैक्सीनेशन अभियान शुरू हो जाएगा. यूपी में जून में 80-88 लाख लोगों को वैक्सीनेशन कर देंगे, जैसे हमें उपलब्धता होगी.
WATCH LIVE TV
