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Barmer: जिले में लॉकडाउन (Lockdown) को 1 महीने से ज्यादा का समय हो गया है. अब व्यापारियों के लिए कई मुश्किलें खड़ी हो रही है. व्यापारी कह रहे हैं कि जिस तरीके से इतना लंबा लॉकडाउन चला है, उसके बाद बैंक की किस्त भरना हो या दुकान का किराया देना हो या लाइट का बिल भरना हो या स्टाफ की सैलरी देनी हो. सब इतने सारे पैसे कहां से लेकर आए, ऐसे में सरकार को आगामी 1 तारीख से 5 घंटे की छूट देनी चाहिए ताकि हमारा गुजारा हो सके.

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कोरोना संक्रमण (corona infection) रोकथाम को लेकर सरकार द्वारा लगाए गए लॉकडाउन के चलते पिछले डेढ़ महीने से व्यापारियों का काम धंधा बंद पड़ा है. व्यापारियों की आर्थिक हालात खराब होती जा रही है. ऐसे में व्यापारियों ने सरकार से मांग की है कि उन्हें शर्तों के साथ दिन में 5 घंटे दुकान खोलने की अनुमति दी जाए ताकि वह अपना व्यापार कर के काम धंधा चला सकें. 

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इसको लेकर बाड़मेर के स्टेशन रोड के व्यापारियों ने बाड़मेर विधायक और जिला कलेक्टर से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा. कोरोना की वजह से गहलोत सरकार ने कई सख्त कदम उठाते हुए आवश्यक सेवाओं को छोड़कर बाजारों, दुकानों को पूरी तरह से बंद करवा दिया था. ऐसे में बाड़मेर जिला मुख्यालय के स्टेशन रोड के व्यापारियों के अनुसार, व्यापारियों की स्थिति बेहद दयनीय हो गई है. काम धंधा बंद होने की वजह से व्यापारी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं. दुकानों का किराया, बिजली का बिल, बैंक किश्तें, स्टाफ की सैलरी और बच्चों की स्कूल फीस देना बेहद कठिन हो रहा है.

व्यापारियों के लिए परिवार चलाना मुश्किल 
व्यापारियों के लिए परिवार चलाना मुश्किल हो गया है. आर्थिक स्थिति खराब है. पिछले कुछ दिनों से बाड़मेर सहित पूरे प्रदेश में कोरोना के मामलों में कमी आई है. ऐसे में व्यापारियों की मांग है कि सरकार राहत दे और नियम और शर्तों के साथ कुछ समय के लिए दुकानें खोलने की अनुमति प्रदान करे.

व्यापारियों की मांग है कि एक जून से शर्तों के साथ उन्हें सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक दुकान खोलने की अनुमति दी जाए. व्यापारियों का कहना है कि हम सरकार की गाइडलाइन का पालन करते हुए ही दुकान खोलेंगे.

Reporter- Bhupesh Acharya